ऐसा अद्भुत देवी मंदिर, जहां सिखों की गहरी आस्था, देखिए क्यों?
क्या आप जानते हैं कि 52 शक्तिपीठों में से एक ऐसा शक्तिपीठ है, जिसमें
सिखों की गहरी आस्था है। यहां आने वाले 60 फीसदी सिख श्रदालु होते हैं।
तस्वीरों में जानिए क्यों?
ऐसा अद्भुत देवी मंदिर, जहां सिखों की गहरी आस्था, देखिए क्यों?
ये शक्तिपीठ है पंजाब-हिमाचल बार्डर पर स्थित माता नैना देवी का मंदिर। यह हिन्दू-सिखों का सांझा तीर्थ स्थान है। मंदिर के पुजारी के अनुसार माता नयना देवी के मंदिर में श्रावण अष्टमी के मेले में साठ फीसदी सिख आते हैं। सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह ने माता नैना देवी के मंदिर में तपस्या की थी और एक साल से अधिक समय तक मंदिर के हवन कुंड में हवन किया था।
ऐसा अद्भुत देवी मंदिर, जहां सिखों की गहरी आस्था, देखिए क्यों?
मान्यता है कि तपस्या व हवन से खुश होकर मां भवानी ने स्वयं प्रकट होकर गुरु जी को प्रसाद के रूप में तलवार भेंट की और गुरू जी को वरदान दिया था कि तुम्हारी विजय होगी और इस धरती पर तुम्हारा पंथ सदैव चलता रहेगा। हवन आदि के बाद जब गुरू जी आनंदपुर साहब की ओर जाने लगे तो उन्होंने अपने तीर की नोक से तांबे की एक प्लेट पर अपने पुरोहित को हुक्मनामा लिखकर दिया, जो आज भी नयना देवी के पंडित बांके बिहारी शर्मा के पास सुरक्षित है।
ऐसा अद्भुत देवी मंदिर, जहां सिखों की गहरी आस्था, देखिए क्यों?
अगस्त 2008 में नैना देवी मंदिर में चट्टान खिसकने की अफवाह के बाद मची भगदड़ में 145 लोगों की मौत हो गई थी। दुर्घटना के शिकार हुए लोगों के जूते, चप्पल और अन्य सामान बिखरे पड़े होने के बावजूद भक्तों का आना लगातार जारी था।
ऐसा अद्भुत देवी मंदिर, जहां सिखों की गहरी आस्था, देखिए क्यों?
नैना देवी के अवतार के बारे में पौराणिक मान्यता के अनुसार यह स्थान विश्व के कुल 52 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि मां सती के नयन इसी स्थान पर गिरे थे, इसलिए इस स्थान का नाम नयना देवी पड़ा है। कई पौराणिक कहानियां श्री नैना देवी मंदिर की स्थापना के साथ जुडी हुई हैं।