बिल्डर से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोपी बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को बुधवार को दो डीएसपी समेत 20 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में जिला अदालत में पेश किया गया। व्हीलचेयर पर पहुंचे अंसारी ने अदालत में जज को बताया कि उसकी सेहत ठीक नहीं है। इसके बाद अदालत ने उसे दोबारा रोपड़ जेल भेज दिया। दोनों पक्षों के वकीलों की बहस अब 12 अप्रैल को होगी। पेशी के बाद अंसारी ने मीडिया से कहा कि वह इस मामले में निर्दोष है। उसे फंसाया गया है। उत्तर प्रदेश के मऊ से विधायक मुख्तार अंसारी को दोपहर 12 बजे रोपड़ पुलिस अदालत लेकर पहुंची। यूपी नंबर की एंबुलेंस में सवार अंसारी के आगे और पीछे पुलिस की गाड़ियां थीं। पुलिस उसे लेकर जूडिशियल कांप्लेक्स की तीसरी मंजिल पर पहुंची। व्हीलचेयर पर चप्पल पहने बैठे अंसारी ने मास्क लगाया हुआ था। करीब एक बजे उसे अदालत में ले जाया गया। इस दौरान दरवाजा बंद कर दिया गया।
दो साल बाद अंसारी के खिलाफ चालान : पैरों में चप्पल, मुंह पर मास्क, तस्वीरों में देखें- कितना बदला बाहुबली
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किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। करीब पंद्रह मिनट तक वह अंदर रहा। उसे आरोपपत्र की प्रति सौंपी गई। इसके बाद अदालत ने उसे दोबारा रोपड़ जेल भेज दिया। पूरे रास्ते वह आरोपपत्र की कॉपी पढ़ता दिखा। यूपी नंबर की एंबुलेंस को देखकर यह कयास लगाए जा रहे थे कि अदालत में पेश करने के बाद उसे यूपी भेजा जा सकता है लेकिन ऐसा हुआ नहीं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया था कि मुख्तार अंसारी को दो हफ्ते में यूपी जेल भेज दिया जाए।
अंसारी को रोपड़ जेल से पहली बार अदालत में पेश किया
मुख्तार अंसारी को बुधवार को रोपड़ जेल से पहली बार जिला अदालत में पेश किया गया। मटौर थाने की पुलिस ने सेक्टर-70 के एक नामी बिल्डर की शिकायत पर 2019 में केस दर्ज किया था। आरोप है कि अंसारी ने फोन कर बिल्डर से रंगदारी मांगी थी। इसके बाद मोहाली पुलिस आरोपी को उत्तर प्रदेश की बांदा जेल से लेकर आई थी। 14 दिन की न्यायिक हिरासत में अंसारी को रोपड़ जेल भेज दिया गया था। 24 जनवरी 2019 के बाद से अंसारी रोपड़ जेल में बंद है। इसके बाद वह सीधा अस्पतालों में इलाज के लिए तो बाहर निकला लेकिन अदालत में पेश नहीं हुआ।
वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए ही वह अपना पक्ष रखता था। इसी बीच, इस मामले की करीब दो माह पूर्व सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई तो यूपी सरकार ने यह तर्क भी दिया था कि बिना चालान पेश किए आरोपी को जेल में रखा हुआ है। इस पर पंजाब सरकार का जवाब था कि अभी जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद चालान पेश किया जाएगा।
करीब दो साल बाद चालान पेश
पुलिस ने 10 मार्च को आरोपी के खिलाफ रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकियां देने और सुबूतों को मिटाने के तहत केस आरोप पत्र दाखिल किया था। सूत्रों के मुताबिक, अंसारी को इस दौरान भी कोर्ट में पेश नहीं किया जाना था लेकिन आरोपपत्र की कॉपी हमेशा प्रत्यक्ष रूप में आरोपी को सौंपी जाती है। इसके चलते उसे लाया गया।