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कांग्रेस में कलह: '8-10 नेताओं को मेरे पीछे छोड़ा, बोलने न दे रहे', हुड्डा के खास रहे शर्मा ने उठाए इन पर सवाल
Wed, 26 Aug 2026 10:25 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 26 Aug 2026 10:25 AM IST
सार
पूर्व विस अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 8-10 नेताओं को मेरे पीछे छोड़ा हुआ है। वो मुझे बोलने नहीं दे रहे हैं। कुलदीप शर्मा ने बिना नाम लिए नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सांसद दीपेंद्र हुड्डा पर कई सवाल उठाए।
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हरियाणा कांग्रेस में कलह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राहुल गांधी के एकजुटता का पाठ कई बार पढ़ाने के बाद भी हरियाणा कांग्रेस में आपसी गुटबाजी और कलह खत्म नहीं हो रही है। सिख दंगा मामले में दोषी दिवंगत नेता सज्जन सिंह को लेकर बयान देने पर सांसद दीपेंद्र को घेरने वाले पूर्व विस अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर पार्टी में चल रही अंदरूनी राजनीति सामने रख दी।
पार्टी में खुद के अनदेखी की पीड़ा बताने के साथ उन्होंने कहा कि 8-10 नेताओं के उनके पीछे कटाक्ष करने के लिए छोड़ा गया है। उन्हें बैठकों में बोलने का मौका भी नहीं दिया जा रहा। झज्जर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रभारी संजय दत्त के सामने संगठन न होने को विधानसभा चुनाव में हार का कारण बताया।
कुलदीप शर्मा ने बिना नाम लिए नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सांसद दीपेंद्र हुड्डा पर कई सवाल उठाए। हालांकि, पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने दोनों नेताओं के राजनीतिक कद और भूमिका की सराहना करते कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा उनसे राजनीति में वरिष्ठ हैं और उनका अपना स्थान है।
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पार्टी में खुद के अनदेखी की पीड़ा बताने के साथ उन्होंने कहा कि 8-10 नेताओं के उनके पीछे कटाक्ष करने के लिए छोड़ा गया है। उन्हें बैठकों में बोलने का मौका भी नहीं दिया जा रहा। झज्जर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रभारी संजय दत्त के सामने संगठन न होने को विधानसभा चुनाव में हार का कारण बताया।
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कुलदीप शर्मा ने बिना नाम लिए नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सांसद दीपेंद्र हुड्डा पर कई सवाल उठाए। हालांकि, पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने दोनों नेताओं के राजनीतिक कद और भूमिका की सराहना करते कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा उनसे राजनीति में वरिष्ठ हैं और उनका अपना स्थान है।
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प्रेस वार्ता से पहले चर्चा थी कि कुलदीप बड़ी राजनीतिक घोषणा कर सकते हैं लेकिन उन्होंने संगठन में अपनी अनदेखी, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और कांग्रेस में बढ़ते मतभेदों पर बात की। पार्टी छोड़ने की चर्चा पर शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट डाल दी जाती हैं लेकिन उन्होंने कोई फैसला नहीं किया है।
'हर कार्यकर्ता को बोलने की जगह मिलनी चाहिए'
उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी एक व्यक्ति की नहीं सभी की पार्टी है और हर कार्यकर्ता को बोलने की जगह मिलनी चाहिए।अपने बेटे के विवाह समारोह की दावत दिल्ली में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के आवास पर कराने के आरोप पर उन्होंने कहा कि कार्यक्रम अशोका रोड की कोठी नंबर पांच में 60 हजार रुपये देकर कराया गया था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी एक व्यक्ति की नहीं सभी की पार्टी है और हर कार्यकर्ता को बोलने की जगह मिलनी चाहिए।अपने बेटे के विवाह समारोह की दावत दिल्ली में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के आवास पर कराने के आरोप पर उन्होंने कहा कि कार्यक्रम अशोका रोड की कोठी नंबर पांच में 60 हजार रुपये देकर कराया गया था।
यह सज्जन कुमार का आवास नहीं था। आरोप लगाने वालों को उन्होंने शपथपत्र देने की चुनौती दी। राज्यसभा चुनाव पर सवाल उठाया कि नौ संदिग्ध वोटों में पांच पर कार्रवाई हो चुकी है बाकी चार कौन हैं? उन्होंने सोशल मीडिया पर कुलदीप शर्मा के नाम से चल रहे पार्टी छुड़ाने वाली पोस्ट को फर्जी बताया।
दीपेंद्र प्रकरण पर बोले- माफी के बाद मुद्दा बंद
कुलदीप शर्मा ने सांसद दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर कहा कि जब उन्होंने कुछ बोला ही नहीं तो खेद क्यों प्रकट किया। हालांकि, बाद में कांग्रेस कार्यसमिति से हटाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखे पत्र पर कहा कि दीपेंद्र ने खेद जता दिया तो इस मुद्दे को बंद कर देना चाहिए। अब उनके और पार्टी के बीच का मामला है। दीपेंद्र उनके बेटे के समान हैं।
कुलदीप शर्मा ने सांसद दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर कहा कि जब उन्होंने कुछ बोला ही नहीं तो खेद क्यों प्रकट किया। हालांकि, बाद में कांग्रेस कार्यसमिति से हटाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखे पत्र पर कहा कि दीपेंद्र ने खेद जता दिया तो इस मुद्दे को बंद कर देना चाहिए। अब उनके और पार्टी के बीच का मामला है। दीपेंद्र उनके बेटे के समान हैं।
कभी हुड्डा के थे खास, बेटे का टिकट कटने के बाद से बढ़ी दूरी
कुलदीप शर्मा कुछ वर्ष पहले तक भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पारिवारिक सदस्य की तरह थे। 2005 में कुलदीप की कांग्रेस में वापसी हुड्डा ने ही कराई थी। इसके बाद शर्मा को 2007 में हरियाणा कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष और 2011 में विधानसभा अध्यक्ष बनाने में भी हुड्डा का योगदान था।
कुलदीप शर्मा कुछ वर्ष पहले तक भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पारिवारिक सदस्य की तरह थे। 2005 में कुलदीप की कांग्रेस में वापसी हुड्डा ने ही कराई थी। इसके बाद शर्मा को 2007 में हरियाणा कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष और 2011 में विधानसभा अध्यक्ष बनाने में भी हुड्डा का योगदान था।
2024 में करनाल लोकसभा सीट से शर्मा अपने बेटे चाणक्य के लिए टिकट मांग रहे थे मगर टिकट दीपेंद्र के करीबी दिव्यांशु बुद्धिराजा को मिल गया। इसी के बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ना शुरू हो गईं।
इसके बाद विधानसभा चुनाव के दौरान गन्नौर सीट पर शर्मा के पक्ष में हुड्डा के प्रचार में नहीं जाने से तल्खी और बढ़ गई। कुलदीप शर्मा पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा के समधी हैं। इनके दामाद कार्तिकेय शर्मा भाजपा समर्पित राज्यसभा सदस्य और कार्तिकेय की मां शक्ति रानी शर्मा भाजपा से विधायक हैं।