फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Private promotion guise of government sponsorship 320 banners put up against permission for 35 Chandigarh

सरकारी स्पॉन्सर की आड़ में निजी प्रचार: 35 की परमिशन पर लगा दिए 320 बैनर, चंडीगढ़ निगम को रोज छह लाख का फटका

Wed, 26 Aug 2026 11:01 AM IST
Nivedita राजबीर राणा, संवाद, चंडीगढ़
राजबीर राणा, संवाद, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Wed, 26 Aug 2026 11:01 AM IST
सार

शहर की वी-1, वी-2 और वी-3 श्रेणी की प्रमुख सड़कों पर निगम सामान्य तौर पर विज्ञापन लगाने की अनुमति नहीं देता। इन सड़कों पर ट्रैफिक अधिक रहता है। ऐसे में इन मार्गों पर बिना अनुमति बैनर लगाए जाने से निगम की विज्ञापन नीति और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।

विज्ञापन
Private promotion guise of government sponsorship 320 banners put up against permission for 35 Chandigarh
जनमार्ग पर लगे कार्यक्रम के पोस्टर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

टेडेक्स सुखना लेक 2026 के आयोजन के नाम पर चंडीगढ़ में विज्ञापन लगाने को लेकर नगर निगम की अनुमति और उसकी शर्तों पर सवाल खड़े हो गए हैं। निगम ने आयोजक को शहर के 35 निर्धारित स्थानों पर 8×8 फीट के होर्डिंग लगाने की मुफ्त अनुमति दी थी। 

विज्ञापन


इसके बावजूद जनमार्ग और मध्यमार्ग के अलावा सरोवर पथ, सुखना पथ, उत्तर मार्ग और पूर्व मार्ग पर 2×6 फीट के 320 से ज्यादा बैनर लगाए जाने की बात सामने आई है। इन बैनरों के लिए निगम से अनुमति नहीं ली गई है। इससे 10 अगस्त से 27 अगस्त तक निगम को लाखों रुपये की विज्ञापन फीस का नुकसान होने का दावा है। निगम को रोजाना करीब 6 लाख का नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन


मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि शहर की वी-1, वी-2 और वी-3 श्रेणी की प्रमुख सड़कों पर निगम सामान्य तौर पर विज्ञापन लगाने की अनुमति नहीं देता। इन सड़कों पर ट्रैफिक अधिक रहता है। विज्ञापन देखने के दौरान वाहन चालकों का ध्यान भटकने से दुर्घटना का खतरा रहता है। ऐसे में इन मार्गों पर बिना अनुमति बैनर लगाए जाने से निगम की विज्ञापन नीति और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

पर्यटन विभाग ने बताई थी गैर-लाभकारी संगठन की वजह
प्रशासन के पर्यटन विभाग ने निगम को 5 जून को पत्र लिखकर बताया था कि आयोजनकर्ता आईएम स्टील ह्यूमन नीति आयोग से रिकॉग्नाइज्ड एक पंजीकृत नॉन प्रोफिटेबल ऑर्गेनाइजेशन है। संगठन की ओर से 26 अगस्त को सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों ने शहर के 35 खास स्थानों पर 8×8 फुट के विज्ञापन होर्डिंग और जनमार्ग एवं मध्यमार्ग पर 320 बैनर लगाने की मुफ्त अनुमति मांगी थी। आयोजन के लिए पर्यटन विभाग सरकारी स्पॉन्सर है, जबकि कुछ निजी कंपनियां को-स्पॉन्सर हैं। इसी आधार पर निगम ने 35 होर्डिंग लगाने की अनुमति दी। निगम की ओर से 9 जून को जारी अनुमति पत्र में संबंधित टर्म एंड कंडीशन भी निर्धारित की गई थीं।

सरकारी स्पॉन्सर के नाम पर निजी कंपनियों का प्रचार?
अब सवाल यह उठ रहा है कि सरकारी विभाग के स्पॉन्सर बनने के आधार पर निजी कंपनियों को भी मुफ्त प्रचार का लाभ कैसे मिल रहा है। 35 होर्डिंग पर पर्यटन विभाग के साथ-साथ को-स्पॉन्सर निजी कंपनियों के नाम भी प्रमुखता से प्रदर्शित किए गए हैं। बैनरों पर भी निजी को-स्पॉन्सरों के नाम दर्ज हैं। जबकि इन बैनरों के लिए निगम की ओर से अनुमति नहीं दी गई है। निगम की अनुमति की शर्तों के मुताबिक विज्ञापन लगाने की सीमा और स्वरूप तय किया गया था। ऐसे में अनुमति से अधिक बैनर लगाए जाने और उन पर निजी कंपनियों के प्रचार को टर्म एंड कंडीशन के उल्लंघन के तौर पर देखा जा रहा है।

रोज छह लाख से ज्यादा बनती है विज्ञापन फीस
नगर निगम सामान्य तौर पर शहर में होर्डिंग और बैनर लगाने के लिए विज्ञापन फीस वसूलता है। आयोजकों की ओर से लगाए गए होर्डिंग और बैनरों की संख्या को देखते हुए यह फीस रोजाना छह लाख रुपये से अधिक बनती है। ऐसे में 10 अगस्त से 27 अगस्त तक की अवधि में निगम को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होने का दावा किया जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल
-सरकारी स्पॉन्सर के आधार पर 35 होर्डिंग की फीस माफ की गई थी, तो क्या निजी को-स्पॉन्सर कंपनियों को भी मुफ्त प्रचार का लाभ मिला?
-शहर के प्रमुख स्थानों और मार्गों पर निजी कंपनियों के विज्ञापन लगाने की अनुमति किस आधार पर दी गई?
-बिना निगम की अनुमति लगाए गए 320 से ज्यादा बैनरों पर अब क्या कार्रवाई होगी?
-विज्ञापन फीस के रूप में निगम को हुए लाखों रुपये के संभावित नुकसान की भरपाई कैसे होगी?

अगर बगैर परमिशन के जन मार्ग और मध्यमार्ग पर बैनर लगाए हैं तो उन्हें खुद चेक करेंगे। आयोजक पर विज्ञापन कंट्रोल ऑर्डर 1954 के तहत कार्रवाई की जाएगी। - बलबीर राज सिंह, जॉइंट कमिश्नर, नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed