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ये कैसे कंटेनमेंट जोन : दुकान-बाजार सब खुले, बेफिक्र घूम रहे लोग, हवा हवाई हुए प्रशासन के दावे

Wed, 31 Mar 2021 11:16 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 31 Mar 2021 11:16 AM IST
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No restrictions in Containment Zones of Chandigarh 
खुड्डा अलीशेर में बिना मास्क के घूमते लोग। - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ में कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए यूटी प्रशासन लगातार कंटेनमेंट जोन बना रहा है लेकिन यहां सख्ती जैसा कुछ भी नहीं। हालात सामान्य इलाकों जैसे हैं। यह खुलासा अमर उजाला की पड़ताल में हुआ। कंटेनमेंट जोन में प्रशासन की सख्ती कहीं नजर नहीं आई। दुकानें, ब्यूटी पार्लर आदि सब खुले मिले और लोग आसानी से खरीदारी करते नजर आए। कंटेनमेंट जोन के ज्यादातर मकानों को सील भी नहीं किया गया है। यहां तक कि जिनके घर कंटेनमेंट जोन में हैं, उन्हें ही इसकी जानकारी तक नहीं है। प्रशासन बीते दो हफ्तों में 50 कंटेनमेंट जोन की घोषणा कर चुका है। आदेश के अनुसार, कंटेनमेंट जोन में आने वाले घरों को सील किया जाता है और वहां आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगाई जाती है। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग की जाती है और नगर निगम की तरफ से कर्मचारियों की तैनाती की जाती है, ताकि वह नजर रख सकें कि कोई घरों से बाहर न निकले। घर-घर जाकर कोरोना जांच की जाती है। प्रशासन के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि कंटेनमेंट जोन में इन सभी नियमों का अच्छे से पालन किया जा रहा है लेकिन धरातल पर सब राम भरोसे है। न पुलिस गंभीर है, न प्रशासन के अधिकारी। ऐसे में यह लापरवाही संक्रमण के तेजी से फैलने का कारण बन सकती है।

 
No restrictions in Containment Zones of Chandigarh 
सेक्टर 22 में कंटेनमेंट जोन बनाए घर। - फोटो : अमर उजाला
खुड्डा अलीशेर : पुलिस बीट को भी कंटेनमेंट जोन की जानकारी नहीं
खुड्डा अलीशेर में सोमवार को 20 से ज्यादा घरों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था, लेकिन अब तक इन घरों को न तो सील किया गया है, न बैरिकेडिंग की गई है। कर्मचारी की तैनाती तो दूर की बात है। हैरानी की बात है कि स्थानीय पुलिस बीट को भी यह जानकारी नहीं है कि उनके इलाके में कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। इलाके में मकानों में रहने वाले लोगों को भी नहीं पता कि उनका घर कंटेनमेंट जोन में आ चुका है। मंगलवार को यहां ब्यूटी पार्लर, हार्डवेयर और किरयाने आदि की दुकानें खुली रहीं और लोग आराम से बाहर घूमते नजर आए। 
 
No restrictions in Containment Zones of Chandigarh 
कंटेनमेंट जोन बनाए गए घर - फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-15 : न घरों को सील किया, न बैरिकेडिंग की
सेक्टर-15 में यूटी प्रशासन द्वारा कई कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं। 24 मार्च और 29 मार्च को कुछ घरों को कंटेनमेंट जोन बनाया गया था लेकिन अब तक यहां भी कंटेनमेंट जोन के किसी भी नियम को लागू नहीं किया गया है। न घरों को सील किया गया है, न ही पुलिस ने बैरिकेडिंग की है। मनमाने ढंग से लोगों का आवागमन हो रहा है। संक्रमण प्रभावित इलाकों में भी लापरवाही का आलम है। इससे आने वाले दिनों में स्थितियां और ज्यादा खराब हो सकती हैं।
 
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कंटेनमेंट जोन बनाया गया घर। - फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-22 : यहां भी लापरवाही का आलम 
सेक्टर-22 में पिछले कुछ दिनों से लगातार कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। प्रशासन ने यहां के तीन इलाकों में सोमवार को कंटेनमेंट जोन बनाए थे। अमर उजाला ने पाया कि तीनों इलाकों में भारी लापरवाही बरती जा रही है। यहां भी न तो घरों को सील किया गया है, न पुलिस की बैरिकेडिंग है। किसी कर्मचारी की तैनाती भी नहीं है। संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान करने में भी भारी लापरवाही बरती जा रही है। 
 
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No restrictions in Containment Zones of Chandigarh 
सेक्टर 22 में बना कंंटेनमेंट जोन - फोटो : अमर उजाला
केंद्र की फटकार के बाद बनने शुरु हुए कंटेनमेंट जोन
शहर में कंटेनमेंट जोन केंद्र सरकार की फटकार के बाद बनने शुरू हुए हैं। एक वीडियो कांफ्रेंसिंग में केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों से पूछा था कि पिछले कुछ दिनों से शहर में लगातार केस बढ़ रहे हैं लेकिन कंटेनमेंट जोन नहीं बनाए जा रहे हैं। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन जरूरी है। केंद्र की आंखों में धूल झोंकने के लिए प्रशासन ने एक के बाद एक कई कंटेनमेंन जोन बना दिए लेकिन वहां पर कोई सख्ती लागू नहीं की। सिर्फ कागजों में ही सारे दावे किए जा रहे हैं। चंडीगढ़ के डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। जांच करेंगे, अगर कहीं कमी है तो उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा। एसडीएम (सेंट्रल) हरजीत सिंह संधू ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में आने वाले सभी घरों को हम सील करते हैं। सोमवार को देर शाम कई नए कंटेनमेंट जोन बनाए गए। टीमें मंगलवार को पूरे दिन लगी रहीं और प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में जाकर घरों को सील करने का काम किया। अगर कहीं लापरवाही मिलती है, तो उस पर कार्रवाई भी की जाती है।
 
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