राम रहीम को अदालत से सजा सुनाए जाने के तत्काल बाद पंचकूला में हिंसा भड़काने के लिए तैयार की गई योजना के पीछे की सच्चाई से परतें खुलने लगी हैं।
पुलिस गिरफ्त में आए एमएसजी के सीईओ सीपी अरोड़ा ने पुलिस रिमांड के दौरान मामले में कई अहम खुलासे किए हैं। उसने 25 अगस्त को शहर में हिंसा भड़काने के लिए बांटी गई रकम के बारे में जो राज उगले हैं, उससे साफ है कि हिंसा और आगजनी के लिए पहले से ही तैयारी कर ली गई थी।
पुलिस के मुताबिक अरोड़ा ने पूछताछ में कबूल किया है कि डेरा समर्थकों में उपद्रव के लिए जो धनराशि बांटी गई थी, वह डेरा प्रमुख रामरहीम की एमएसजी वाली फिल्मों की कमाई थी। रकम बांटने का निर्णय 17 अगस्त को डेरे के पदाधिकारियों वाली कोर कमेटी के 25 सदस्यों की बैठक में लिया गया था। बैठक में आदित्य इंसा, हनीप्रीत और सीपी अरोड़ा भी शामिल थे।
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पंचकूला में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
उपद्रवियों में बांटे गए थे सवा करोड़ रुपये :
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सीपी अरोड़ा ने स्वीकार किया है कि उपद्रवियों में उनकी ओर से सवा करोड़ रुपये बांटे गए थे। 17 अगस्त की बैठक में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम, उसके निजी सचिव राकेश व मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रीतम सिंह भी मौजूद रहे।
दोशद्रोह के आरोपियों की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस :
पंचकूला के सेक्टर-5 थाने में देशद्रोह के मामले में डॉ. आदित्य इंसा के खिलाफ केस दर्ज है। पंचकूला पुलिस ने हनीप्रीत इंसा सहित कुल 13 लोगों पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया था। इसमें डॉ. आदित्य इंसा, पवन इंसा और गोभी राम भी शामिल हैं। पुलिस इन तीनों के कॉल डिटेल खंगाल रही है, ताकि इससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।