जब से सांसद बना, तब से यह दिग्गज नेता एक ऐसा काम करता आ रहा है जिसे करने का दम राजनीति में कोई नहीं रखा, पर अब करना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को देश में वीआईपी कल्चर खत्म करने के बारे में बड़ा फैसला लिया है। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद अब देश में किसी भी गाड़ी पर लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। वहीं देश में एक सांसद ऐसा है, जिसने न तो कभी लाल बत्ती लगाई और न ही कभी वीआईपी कल्चर अपनाया।
ये हैं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा। मोदी सरकार ने वीआईपी कल्चर को खत्म करने का फैसला लिया तो सांसद दीपेंद्र हुड्डा की मिसाल दी जाने लगी। दीपेंद्र तीन बार सांसद रहे हैं, लेकिन उन्होंने ना कभी अपनी गाड़ी पर कोई बत्ती लगाई और ना कभी वीआईपी कल्चर को अपनाया।
उनके पिता भूपेंद्र हुड्डा के सीएम रहते हुए सीआईडी ने अपनी रिपोर्ट देकर दीपेंद्र को ब्लैक कैट कमांडो रखने की सलाह दी थी। उस समय भी दीपेंद्र ने ऐसा करने से साफ इन्कार कर दिया। मोदी सरकार के लाल बत्ती के इस्तेमाल पर रोक लगाने के बाद फेसबुक और ट्वीटर पर दीपेंद्र हुड्डा भी खूब ट्रेंड करने लगे।
वीआईपी कल्चर खत्म करने को लेकर दीपेंद्र हुड्डा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनको जनता ने चुना है और जनता के बीच रहना है तो वीआईपी कल्चर को छोड़ना होगा। यह वीआईपी कल्चर ही जनप्रतिनिधियों व जनता के बीच में दूरी पैदा करता है। दीपेंद्र ने एमडीयू से बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की डिग्री ली थी। इसके बाद वे एमबीए करने यूएसए चले गए, जहां उन्होंने इंडियाना यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की।