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चॉपर क्रैश में जान गंवाने वाले स्क्वाड्रन लीडर के घर से आई ऐसी तस्वीरें, देखकर फट जाएगा कलेजा
Fri, 01 Mar 2019 02:35 PM IST
अभिषेक त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अभिषेक त्यागी
Updated Fri, 01 Mar 2019 02:35 PM IST
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स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ट का परिवार
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बॉर्डर पर चॉपर क्रैश में जान गंवाने वाले स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ का पार्थिव शरीर घर पहुंचा, तो मां बेहोश हो गईं। वहीं बहनों, पिता और पत्नी का बुरा हाल हो गया। तस्वीरें देखकर आप भी रो देंगे।
स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ट का परिवार
जम्मू-कश्मीर के बडगाम में 27 फरवरी दिन की बुधवार की सुबह एयरफोर्स का एमआई-17 क्रैश हो गया। इसमें चंडीगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ ने जान गंवाई। उनका पार्थिव शरीर वीरवार देर शाम चंडीगढ़ पहुंचा। तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को लेने के लिए उनकी पत्नी स्क्वाड्रन लीडर आरती वायुसेना की फुल ड्रेस में पहुंचीं। आरती ने फूल समर्पित कर पति को श्रद्धांजलि दी। वहीं सिद्धार्थ के माता-पिता और बहनों ने भी सिद्धार्थ को सैल्यूट करके श्रद्धांजलि दी।
स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ट का परिवार
एयरपोर्ट से सेक्टर-44 स्थित आवास तक सिद्धार्थ के पार्थिव शरीर को पहुंचाने के लिए एयरफोर्स और चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से एक विशेष कॉरिडोर बनाया गया था। वीरवार देर शाम करीब आठ बजे सेना के जवान अपने कंधे पर तिरंगे से लिपटे ताबूत को लेकर जब सिद्धार्थ के घर पहुंचे तो सबकी आंखें छलक उठीं। बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर परिजनों के साथ आसपास के सभी लोग बिलख पड़े। इस दौरान जब पिता जगदीश वशिष्ठ ने बेटे को सैल्यूट किया तो हर कोई भावुक हो उठा।
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स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ट का परिवार
मां की पुकार.. बन्नी तू वापस आ जा
बन्नी तू वापस आ जा... मां की जुबां से सिद्धार्थ के पार्थिव शरीर को देखकर यही पहला शब्द निकला। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के बाकी सदस्य भी यही बोलते रहे कि बन्नी को अब हम नहीं देख पाएंगे। बहनें अपने लाडले भाई को गले लगाने के लिए तरसती नजर आईं। वे उसके ताबूत से लिपटकर ही जोर जोर से रोने लगीं। वहीं, वायुसेना की फुल ड्रेस में पति के शव के पास खड़ीं आरती के सब्र का बांध भी टूट पड़ा, वह भी फूट-फूट कर रोने लगीं। सिद्धार्थ की दादी का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
बन्नी तू वापस आ जा... मां की जुबां से सिद्धार्थ के पार्थिव शरीर को देखकर यही पहला शब्द निकला। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के बाकी सदस्य भी यही बोलते रहे कि बन्नी को अब हम नहीं देख पाएंगे। बहनें अपने लाडले भाई को गले लगाने के लिए तरसती नजर आईं। वे उसके ताबूत से लिपटकर ही जोर जोर से रोने लगीं। वहीं, वायुसेना की फुल ड्रेस में पति के शव के पास खड़ीं आरती के सब्र का बांध भी टूट पड़ा, वह भी फूट-फूट कर रोने लगीं। सिद्धार्थ की दादी का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
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स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ट का परिवार
दो दिन बाद पिता के सब्र का बांध टूटा
सिद्धार्थ की मौत की खबर आई, तो पिता जगदीश ने हिम्मत बांधे रखी। लेकिन बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर दो दिन बाद आखिरकार उनका भी सब्र जवाब दे गया। गम में सूखे उनके आंसू दो दिन बाद फूट पड़े। ताबूत के अंदर तिरंगे में लिपटे बेटे के शव को देखकर वह जोर-जोर से रोने लगे। हालांकि उन्होंने बेटे की बहादुरी पर उन्हें सैल्यूट किया, मगर अपने जिगर के टुकड़े को दूर जाता देख वह खुद को संभाल नहीं पाए। सिद्धार्थ घर का एकलौता बेटा था, इसलिए परिवार की दिली ख्वाहिश थी कि वह घर जरूर आए।
सिद्धार्थ की मौत की खबर आई, तो पिता जगदीश ने हिम्मत बांधे रखी। लेकिन बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर दो दिन बाद आखिरकार उनका भी सब्र जवाब दे गया। गम में सूखे उनके आंसू दो दिन बाद फूट पड़े। ताबूत के अंदर तिरंगे में लिपटे बेटे के शव को देखकर वह जोर-जोर से रोने लगे। हालांकि उन्होंने बेटे की बहादुरी पर उन्हें सैल्यूट किया, मगर अपने जिगर के टुकड़े को दूर जाता देख वह खुद को संभाल नहीं पाए। सिद्धार्थ घर का एकलौता बेटा था, इसलिए परिवार की दिली ख्वाहिश थी कि वह घर जरूर आए।