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अनुपम खेर, नीना गुप्ता और राकेश बेदी ने दिखाया, 'मेरा वो मतलब नहीं था'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 30 May 2016 01:46 PM IST
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चंडीगढ़ में मेरा वो मतलब नहीं था का मंचन करते हुए अनुपम खेर
- फोटो : अमर उजाला
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एक्टर अनुपम खेर, नीना गुप्ता और राकेश बेदी अभिनीत नाटक 'मेरा वो मतलब नहीं था' में लोगों ने तीनों का दमदार अभिनय देखा। आप भी देखिए।
चंडीगढ़ में मेरा वो मतलब नहीं था का मंचन करते हुए अनुपम खेर
- फोटो : अमर उजाला
तीनों कलाकारों ने चंडीगढ़ के थिएटर लवर्स को नाराज भी नहीं किया। वैसे भी जहां ये तीनों मंझे हुए कलाकार एक साथ स्टेज पर हों और नाटक की कहानी दो प्रेमियों के बिछुड़ने और 35 साल बाद फिर से मिलने की हो तो दर्शकों को उम्दा अभिनय देखने को मिलना ही था। उम्दा दर्जे के थिएटर आर्टिस्ट राकेश बेदी की बीच-बीच में कॉमेडी ने दर्शकों को गंभीर होने के अलावा हंसने का भी खूब मौका दिया।
चंडीगढ़ में मेरा वो मतलब नहीं था का मंचन करते हुए अनुपम खेर
- फोटो : अमर उजाला
मौका था चंडीगढ़ प्रशासन के कल्चर डिपार्टमेंट और टैगोर थिएटर सोसाइटी की ओर से आयोजित 'मेरा वो मतलब नहीं था' प्ले का। बुधवार शाम दो घंटे के इस प्ले का टैगोर थिएटर में मंचन किया गया। बुधवार शाम दो घंटे के इस प्ले का टैगोर थिएटर में मंचन किया गया।
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चंडीगढ़ में मेरा वो मतलब नहीं था का मंचन करते हुए अनुपम खेर
- फोटो : अमर उजाला
मानवीय रिश्तों पर आधारित इस नाटक की कहानी की शुरुआत होती है एक ऐसे प्रेमी युगल प्रीतम (अनुपम खेर) और हेमा रॉय (नीना गुप्ता) से जो बिना किसी कारण बिना एक दूसरे से बिना कुछ कहे अलग हो जाते हैं। करीब 35 साल बाद हेमा प्रीतम को मिलने के लिए बुलाती है और दोनों एक पार्क में मिलते हैं।
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चंडीगढ़ में मेरा वो मतलब नहीं था का मंचन करते हुए अनुपम खेर
- फोटो : अमर उजाला
बचपन से साथ पले-बढ़े, स्कूल के अलावा कॉलेज की पढ़ाई भी साथ-साथ की। दोनों में कब प्यार हुआ ये तो उन्हें भी पता चला, लेकिन 35 साल बाद जब वह मिलते हैं तो दोनों इसका कारण तलाशते हैं। इसके बाद परत दर परत खुलते हैं कई राज। दोनों को पता चलता है कि दोनों ने एक दूसरे को कई खत लिखे, लेकिन उनके परिजनों ने उन्हें उन तक पहुंचने नहीं दिया।