जनाब अब जरा थोड़ी थोड़ी पिया करो शराब, क्योंकि नई एक्साइज पॉलिसी में हो गए हैं कई बड़े बदलाव। न शराब बेचने वालों को न इसके शौकीनों को आराम।
दरअसल, हरियाणा में शराब करीब 20 फीसदी महंगी हो गई है। इसके अलावा एनसीआर के दो अहम जिलों गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बार की सालाना लाइसेंस फीस में इजाफा हो गया है यानि अब इन जिलों की बार में बैठकर पीने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर चलते हुए नैशनल हाइवे और स्टेट हाइवे के दोनों तरफ 500-500 मीटर की दूरी तक कोई ठेका नहीं खुलेगा।
इसी तरह 185 ग्राम पंचायतों की इच्छानुसार इनके इलाकों में ठेके बंद कर दिए जाएंगे। दूसरी ओर इस बार शराब के रिटेल आउटलेस्ट की संख्या व कोटे में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। प्रदेश की साल 2017-18 के लिए नई आबकारी नीति का मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने ऐलान कर दिया। कैप्टन अभिमन्यु के मुताबिक नई आबकारी नीति में कुछ लचीले नियमों के साथ ईज ऑफ डुईंग बिजनेस का ख्याल रखते हुए राजस्व को बढ़ाना है।
पॉलिसी के मुताबिक देसी शराब (सीएल) और अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) के लिए रिटेल आउटलेटस की संख्या और कोटा वही रखा गया है, जो चालू वित्त वर्ष में था। इसके अलावा, शराब के ठेके बंद करने के 185 ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों को भी स्वीकार कर लिया गया है। साल 2017-18 के लिए भी प्रदेश में देसी और अंग्रेजी शराब के रिटेल आउटलेट्स की अधिकतम संख्या पहले की तरह 3500 रखी गई है।
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अंग्रेजी शराब
- फोटो : Demo Pic
इस साल शराब के ठेके को जोन के आधार पर अलॉट किए जाएंगे जबकि यह पहले ग्रुप के आधार पर अलॉट होते थे। जोन में 6 शराब के ठेकों की इजाजत दी जाएगी, जिसमें अलॉटी को यह आजादी रहेगी कि वह अपने जोन में नियमों के तहत शराब का ठेका खोल सकता है। लाइसेंस आवंटी को यह भी स्वतंत्रता होगी कि वह अपने जोन के ठेकों में देसी शराब (सीएल) या अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) या दोनों बिक्री के लिए रख सकेगा।