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देखिए वो जेल, जहां कैद था बापू का कातिल, माथे पर सलाखों से दागे जाते थे नंबर

Wed, 31 Jan 2018 10:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 31 Jan 2018 10:38 PM IST
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mahatma gandhi murderer nathuram godse was prisoned in dagshai jail kalka
इस जेल में रखा गया था गोडसे को
30 जनवरी 1948 को गोली मारकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को देश की इस जेल में रखा गया था। देखिए तस्वीरों में...
mahatma gandhi murderer nathuram godse was prisoned in dagshai jail kalka
इस जेल में रखा गया था गोडसे को
नाथूराम गोडसे को जहां देश का एक वर्ग देशभक्त मानता है, वहां एक वर्ग बापू का हत्यारा मानता है। भाजपा के सत्ता में आने के बाद हिन्दू महासभा ने गोडसे को एक देशभक्त के रूप में पेश किया और गोडसे की प्रतिमा भी स्थापित कर डाली। जानिए उन्हें किस जेल में रखा गया था और किस अदालत में उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी।
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इस जेल में रखा गया था गोडसे को
हरियाणा के कालका से कुछ किलोमीटर दूर ​डगशाई में यह जेल स्थित है। हाइवे के किनारे बनी इस सेंट्रल जेल ठीक वैसे थी, जैसे अंडमान निकोबार की जेल। कई जाने-माने स्वतंत्रता सेनानियों को इस जेल में रखा गया था। इस जेल में कैदियों की पहचान उनके नंबर से होती थी, जिन्हें गर्म सलाखों से कैदियों के माथे पर दागा जाता था। इन नंबरों को दाग-ए-शाही कहा जाता था। अंग्रेजों के समय में ये सेंट्रल जेल थी।
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इस जेल में रखा गया था गोडसे को
बताया जाता है कि इस जेल में उस समय बागी हुए कुछ सिख सैनिकों को भी इसी जेल में रखा गया था। बाद में इन्हें फांसी दे दी गई थी। जेल में केवल 50 कैदियों को ही रखा जाता था। आजादी के बाद इस जेल को म्यूजियम में बदल दिया गया। अब चंडीगढ़ से 40 और कसौली से 11 किमी दूर ​स्थित इस जेल को देखने के लिए वीकेंड में पंजाब और चंडीगढ़ के पर्यटकों की भीड़ जमा रहती है।
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इस जेल में रखा गया था गोडसे को
शिमला की ऐतिहासिक मिंटो कोर्ट में महात्मा गांधी के मर्डर केस की सुनवाई हुई थी और यहीं पर गोडसे को फांसी की सजा सुनाई गई। मगर अब ये आग में जलकर राख हो गया है। मिंटो कोर्ट बिल्डिंग 1904 में बनी थी। इसमें वायसराय के लिए बजने वाले विशेष बैंड से जुड़े लोगों को ठहराया जाता था। बाद में इसे कोर्ट बना दिया गया। 1968 से इसमें सीमा सड़क संगठन की दीपक परियोजना का मुख्यालय चल रहा था।
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