बाबा मस्तनाथ मठ के दिवंगत महंत चांद नाथ ने अपना शरीर त्याग दिया है। उन्हे कंधा देने 3 राज्यों के सीएम पहुंचे, देखिए
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आसन मुद्दा में महंत चांदनाथ को दी गई समाधि
बाबा मस्तनाथ मठ के दिवंगत महंत चांद नाथ को साधु संतो के भारी जमावडे़ के बीच रविवार को समाधि में दी गई। विधि विधान के साथ नाथ संप्रदाय की परंपरा के मुताबिक पहले महंत की पूजा अर्चना की गई। इसके बाद उन्हें शाम पांच बजे आसन मुद्रा में समाधिलीन किया गया।
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आसन मुद्दा में महंत चांदनाथ को दी गई समाधि
महंत सुमरनाथ ने बताया कि नाथ संप्रदाय की परंपरा के मुताबिक महंत के पार्थिव शरीर की पूजा अर्चना की गई और बाद में चंदन की लकड़ी और चीनी के बीच करीब आठ फुट गहरे गड्ढे में आसन मुद्रा में स्थान दिया गया। समाधि स्थल पर कुछ समय बाद महंत चांदनाथ की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
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आसन मुद्दा में महंत चांदनाथ को दी गई समाधि
बाबा मस्तनाथ के देश भर में सात से आठ हजार डेरे हैं और उसमें हजारों की संख्या में साधु हैं। उन्होंने बताया कि नाथ संप्रदाय की परंपरा है कि जब उनके महंत शरीर त्यागते हैं तो उनका स्नान ध्यान कराया जाता है। इसके बाद उन्हें समाधि स्थल में बैठाया जाता है।
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Chand Nath Yogi passes away
इससे पहले मान, पीर, महंत, मानधारी आते हैं विधि विधान से पूजा कर महंत की समाधि तैयार की जाती है। समाधि स्थल के लिए आठ से दस फुट का गड्ढा खोदा जाता है और धरातल को मजबूत किया जाता है। गड्ढे में चंदन की लकड़ी रखकर उसे चीनी से भरा जाता है, इसी में आसन मुद्रा में महंत की देह को आसन दिया जाता है।