साल 2018 का पहला और 150 साल बाद दुर्लभ चंद्र ग्रहण बुधवार 31 जनवरी को लगेगा। इस दिन कुछ काम भूलकर भी नहीं करने चाहिएं, अशुभ होता है।
हिसार में ऋषि नगर स्थित विश्वकर्मा मंदिर के पुजारी आचार्य राममेहर शास्त्री ने बताया कि चंद्र ग्रहण का सूतक 31 जनवरी को सुबह 8 बजकर 18 मिनट पर प्रारंभ हो जाएगा। ग्रहण का स्पर्श 5 बजकर 18 मिनट शाम को होगा। यहां चंद्रोदय 5 बजकर 18 मिनट पर होगा वहीं चंद्र ग्रहण को इस समय देखा जा सकता है।
चंद्रोदय का समय शाम छह बजकर एक मिनट पर है। पूर्ण चंद्र ग्रहण 6 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगा। चंद्र ग्रहण का मध्य काल 6 बजकर 50 मिनट पर होगा और ग्रहण का समाप्त 7 बजकर 37 मिनट पर होगा। ग्रहण का मोक्ष 8 बजकर 41 मिनट पर होगा। देश के पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी हिस्सों में चंद्र ग्रहण चंद्रोदय के तुरंत बाद देखने को मिलेगा।
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चंद्र ग्रहण
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आचार्य राममेहर ने बताया कि यह चंद्र ग्रहण 150 साल बाद लगेगा। यह चंद्रग्रहण माघ मास में पड़ने वाली दूसरी पूर्णिमा पर लगेगा। इस साल के बाद 31 दिसंबर 2028 और 31 जनवरी 2037 को भी इस तरह का पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। साल 2018 में ही 27 जुलाई को पूर्ण चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा।
चंद्रग्रहण काल में गर्भवती स्त्रियों, बीमार और वृद्धों को दवाई-भोजन वर्जित नहीं है। गर्भवती स्त्रियों को सब्जी काटना, पापड़ सेकना आदि उत्तेजित कार्यों से परहेज करना चाहिए। प्रसन्नचित्त रहना चाहिए। खाद्य पदार्थों में कुशातृण डालना चाहिए। सूखे खाद्य पदार्थों में कुशा डालने की आवश्यकता नहीं है।