जम्मू-कश्मीर के राजौरी में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाकिस्तानी सेना के हमले में बुधवार सुबह शहीद हुए सूबेदार राजेश कुमार का गुरुवार शाम मुकेरियां के गांव कलीचपुर कलोता में पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद के 11 वर्षीय पुत्र जतिन ने चिता को मुखाग्नि दी।
2 of 5
Punjab
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शहीद का पार्थिव शरीर लेकर पहुंची सेना की टुकड़ी ने हवा में गोलियां दाग कर और शस्त्र उलट कर शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद के पूर्व सैनिक पिता ने बेटे की अर्थी को कंधा दिया और बेटे को अंतिम सैल्यूट किया। शहीद का शव गांव में आने से पहले नेशनल हाईवे पर ही मोटरसाइकिलों पर तिरंगे लेकर बैठे नौजवान शहीद राजेश कुमार अमर रहे के नारे लगाते हुए अंतिम यात्रा की अगुवाई कर रहे थे। इस दौरान गांव के लोगों ने घरों की छतों से अंतिम यात्रा पर पुष्पवर्षा की।
3 of 5
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं शहीद की बुजुर्ग मां और पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। चिता को मुखाग्नि देने से पहले जब परिजनों ने शहीद के अंतिम दर्शन किए तो उनकी चीत्कार सुनकर हर आंख नम हो गई। शहीद की यूनिट 60 फील्ड मीडियम रेजीमेंट ऑर्टिलरी से नायब सूबेदार परमजीत सिंह, लांस नायक शवेग सिंह, गनर शंकर और विक्रम शव लेकर पहुंचे। 18 फील्ड उच्ची बस्सी से कैप्टन गुंजर ठाकुर के नेतृत्व में सेना की टुकड़ी ने शहीद को अंतिम सलामी दी।
4 of 5
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिला प्रशासन की ओर से जिलाधीश अपनीत रियात ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए जबकि पंजाब सरकार की ओर से मुकेरियां की विधायक इंदू बाला ने पुष्प चक्र अर्पित किया। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक दलों के प्रतिनिधि प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।
5 of 5
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को 60 एसएटीए रेजीमेंट के शहीद सूबेदार राजेश कुमार के परिवार को 50 लाख रुपये अनुग्रह राशि (एक्स ग्रेशिया) और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया।