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Pics: शहीद बेटे का माथा चूमकर मां ने कही ऐसी बात, फूट-फूट कर रोए पिता और पत्नी

Mon, 12 Mar 2018 09:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फाजिल्का(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, फाजिल्का(पंजाब) Updated Mon, 12 Mar 2018 09:20 PM IST
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Last Farewell to Indian Army Soldier Amarseer singh Killed in Assam Encounter
अमरसीर सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद बेटा तिरंगे में लिपटकर आया तो मां ने उसका माथा चूम लिया और ऐसी बात कही, सुनकर पत्नी और पिता फूट-फूट कर रोने लगे, देखिए तस्वीरें।
Last Farewell to Indian Army Soldier Amarseer singh Killed in Assam Encounter
अमरसीर सिंह का अंतिम संस्कार
असम में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए पंजाब में फाजिल्का के गांव जोड़की अंधेवाली निवासी अमरसीर सिंह को अंतिम विदाई दी गई। इससे पहले मां ने शहीद बेटे का चेहरा देखकर कहा, कई ख्वाब देखे थे। अभी तो कई अरमान बाकी थे, उन्हें कौर पूरा करेगा। एक बेटा पहले ही छोड़कर चला गया था, अब तू भी जा रहा है। हम किसके सहारे जिएंगे।
Last Farewell to Indian Army Soldier Amarseer singh Killed in Assam Encounter
अमरसीर सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद अमरसीर की पत्नी वीरपाल कौर का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वह हाथों में पति का चेहरा लेकर चुपचाप एकटक उसे देख रही थी। उसके मन में कई सवाल कौंध रहे थे, जिनका जवाब देने वाला तो चला गया था। वहीं मां और पत्नी की हालत देखकर हर आंख नम हो गई। पिता सुखमिंदर सिंह भी खुद को नहीं संभाल पा रहे थे, दोनों बेटे को चले गए थे छोड़कर।

 
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Last Farewell to Indian Army Soldier Amarseer singh Killed in Assam Encounter
अमरसीर सिंह का अंतिम संस्कार
जैसे तैसे खुद को संभाला और बोले- मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। अब सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह उसके परिवार की सहायता करे। बेटा ही हमारे परिवार के लिए एक सहारा था। इसकी छोटी बेटी चार वर्ष तो दूसरी 4 महीने की है। घर का गुजारा चलाने के लिए उसकी बहू वीरपाल कौर को सरकारी नौकरी मिल जाए तो घर चलाना असान हो जाएगा।
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Last Farewell to Indian Army Soldier Amarseer singh Killed in Assam Encounter
अमरसीर सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद अमरसीर अपने पीछे मां-बाप, पत्नी और दो बेटियां छोड़ गए हैं। चार वर्षीय बेटी गुरनूर आत्म वल्लभ सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ती है। स्कूल का स्टाफ भी शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचा। प्रिंसिपल संगीता तिन्ना ने कहा कि स्कूल इस दुख की घड़ी में शहीद परिवार के साथ हैं। जो भी बन पड़ेगा, स्कूल जरूर करेगा। स्कूल प्रबंधन दोनों बेटियों की पढ़ाई का खर्च भी वहन करेगा।
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