जानिए, कैसे बनी रॉक गार्डन की अनोखी कलाकृतियां?
टूटी चूड़ियां, फ्यूज ट्यूबलाइट्स और कंकड़-पत्थर...यह चीजें क्या जगह रखती हैं जिंदगी में? इसका जवाब है रॉक गार्डन।
जानिए, कैसे बनी रॉक गार्डन की अनोखी कलाकृतियां?
ज्यादातर लोग इस सवाल का जवाब देंगे कि इस कबाड़ की भला जिंदगी में क्या जगह। ...लेकिन एक शख्स ने इसी कबाड़ से खुशियां बीन लीं।
जानिए, कैसे बनी रॉक गार्डन की अनोखी कलाकृतियां?
सिर्फ अपने लिए नहीं, लाखों लोगों के लिए। बस, इसी की बदौलत यह शख्स आज शख्सियत बन चुका है। नाम है नेकचंद सैनी। वही नेकचंद सैनी, जिन्होंने रॉक गार्डन का निर्माण कर चंडीगढ़ को एक अलग पहचान दी।
जानिए, कैसे बनी रॉक गार्डन की अनोखी कलाकृतियां?
एक अलग तरह की दुनिया बसाने के लिए पद्मश्री नेकचंद अकेले ही सफर पर निकले थे। जुनून ही था कि वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने कंकड़-पत्थर, टूटी चूड़ियों आदि से एक यादगार जगह तैयार कर दी।
जानिए, कैसे बनी रॉक गार्डन की अनोखी कलाकृतियां?
आज रॉक गार्डन अहसास करवाता है कि कोई भी सामान बेकार नहीं होता, बस उसे इस्तेमाल करने की परख और नजर होनी चाहिए।