गाजीपुर बॉर्डर पर डटे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आंसुओं का असर चंडीगढ़ में भी दिखाई दिया। शुक्रवार शाम को सैकड़ों लोगों ने सड़क पर उतरकर उनके समर्थन में किसान एकता का नारा बुलंद किया। प्रदर्शनकारी हाथों में राकेश टिकैत के पोस्टर भी पकड़े थे। यूं तो चंडीगढ़ में अलग अलग जगह किसानों के समर्थन में प्रदर्शन लगातार चल रहा है लेकिन राकेश टिकैत के पोस्टर पहली बार उनके हाथों में नजर आए।
दरअसल, 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा और लाल किले की घटना ने किसान आंदोलन को कुछ कमजोर कर दिया था। बृहस्पतिवार शाम को यूपी पुलिस टिकैत को गिरफ्तार करने गाजीपुर बार्डर पहुंच गई। इस दौरान टिकैत की टीवी पर रोते हुई वायरल हुईं तस्वीरों ने आंदोलन में नई जान फूंक दी। उन्हें लोगों की सहानुभूति मिलने लगी। काफी संख्या में किसान वापस गाजीपुर जा डटे। इसी कड़ी में चंडीगढ़ में किसान एकता के समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चों समेत सैकड़ों युवा शामिल रहे।
सोशल मीडिया पर शुक्रवार को एक मैसेज वायरल हुआ, जिसमें कृषि कानून पर शाम पांच से रात आठ बजे तक मटका चौक पर इकट्ठा होने का आह्वान किया गया था। बताया गया था कि यहां कृषि कानूनों के समर्थन में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसका विरोध जताने के लिए शाम साढ़े चार बजे से ही काफी संख्या में प्रदर्शनकारी मटका चौक पहुंच गए।
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किसानों के समर्थन में चंडीगढ़ में प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती देखकर पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया तो उन्होंने सेक्टर-16/17 की विभाजित सड़क पर पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने करीब आधा किलोमीटर तक लंबी लाइन लगा ली। पुलिस व्यवस्था बनाने में मशक्कत करती भी नजर आई। तीन घंटे प्रदर्शन करने के बाद करीब आठ बजे सभी प्रदर्शनकारी वहां से चले गए।
मटका चौक पर प्रदर्शन पर रोक
मटका चौक पर अब प्रदर्शन करने पर रोक लग गई है। इसके लिए बाकायदा एक बोर्ड भी लगाया गया है, जिसमें अब से कोई भी प्रदर्शनकारी मटका चौक पर प्रदर्शन नहीं करेगा। इसकी वजह से शुक्रवार को पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया।