68 साल में नहीं सुधरे भारत-पाक रिश्ते, कसूरी ने बताया कारण
68 साल में भारत और पाकिस्तान के रिश्ते क्यों नहीं सुधरे? इस पर पाक के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी ने चौंकाने वाला खुलासा किया।
68 साल में नहीं सुधरे भारत-पाक रिश्ते, कसूरी ने बताया कारण
वर्षों से एक-दूसरे के विरोधी जापान-जर्मनी के रिश्ते सुधर सकते हैं तो भारत पाक के क्यों नहीं। दोनों देशों की ओर से बॉर्डर संबंधी नियमों में दी गई ढील इसका बड़ा कारण रहा है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी ने चंडीगढ़ में यह बात कही।
68 साल में नहीं सुधरे भारत-पाक रिश्ते, कसूरी ने बताया कारण
कसूरी चंडीगढ़ के सेंटर फॉर रिसर्च इन रुरल एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (क्रिड) में अपनी बुक ‘नीदर अ हॉक, नोर अ डव’ की जानकारी दे रहे थे। भारत-पाक के रिश्तों पर आधारित उनकी बुक 7 अक्तूबर को दिल्ली में लॉन्च हुई है।
68 साल में नहीं सुधरे भारत-पाक रिश्ते, कसूरी ने बताया कारण
कसूरी ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को सुधारना है तो पहले दोनों तरफ के पंजाब, गुजरात के कच्छ और राजस्थान की सीमा से लोगों का आना-जाना आसान बनाना होगा। इससे व्यापार बढ़ने के साथ भाईचारा भी बढ़ेगा। भारत-पाक के रिश्तों पर मंत्रियों की बयानबाजी पर रोक लगनी चाहिए। केवल विदेश मंत्रालय को ही इसकी इजाजत होनी चाहिए।
68 साल में नहीं सुधरे भारत-पाक रिश्ते, कसूरी ने बताया कारण
अपने भाषण में कसूरी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान से लगातार बातचीत जारी रखी। मनमोहन सिंह के प्रतिनिधित्व में तीन अहम बैठकें हुईं थी। लेकिन अब बातचीत का सिलसिला थमने पर उन्होंने चिंता जताई।