सिख हमेशा मानवता के कामों के लिए जाने जाते हैं। देखिए जिन रोहिंग्या मुसलमानों का कोई सहारा नहीं बना उनको कौन खाना-पानी दे रहा है?
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Khalsa aid starts langar sewa for Rohingya refugees
म्यांमार में हिंसा के बाद भागे रोहिंग्या मुसलमान बंगलादेश-म्यांमार सरहद पर रुके हुए है, जिनकी मदद के लिए अब खालसा ऐड के समर्थक सरहद पर पहुंचे हैं।
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बता दें कि अब तक 3 लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान समुद्री रास्तों से बांग्लादेश में प्रवेश कर चुके हैं। इस बीच रोते-बिलखते रोहिंग्या मुसलमानों के लिए सिख समुदाय के लोग मसीहा बनकर उनकी सेवा में लग गए हैं।
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रोहिंग्या मुसलमानों की दुर्दशा देख सिखों के 'खालसा ऐड' एनजीओ बांग्लादेश पहुंच कर उनकी सेवा कर रहा है। खालसा ऐड एक अंतरराष्ट्रीय एनजीओ है, जिसका मकसद है दुनिया भर के संकटग्रस्त देशों में जाकर पीड़ित लोगों की हर संभव मदद करना।
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खालसा ऐड के मैनेजिंग डायरैक्टर अमरप्रीत सिंह ने कहा कि बांग्लादेश सरकार ने शरणार्थियों को खाना बांटने के लिए सभी तरह की अनमुति दे दी है।