फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ में किसका 'कसूर', देखिए?

Wed, 13 Jan 2016 09:49 AM IST
Updated Wed, 13 Jan 2016 09:49 AM IST
विज्ञापन

पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ में किसका 'कसूर', देखिए?

KasurRohi Nala near Indo-Pak Border help pakistani terrorist
पंजाब से सटी करीब 553 किलोमीटर भारत-पाकिस्तान की सरहद पर एक और घुसपैठ के ठिकाने का पता चला है। पाकिस्तानी तस्कर इसका खुलासा भी कर चुके हैं। देखिए, ये रिपोर्ट। -अनिल कुमार, फिरोजपुर।

पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ में किसका 'कसूर', देखिए?

KasurRohi Nala near Indo-Pak Border help pakistani terrorist

सरहद पर तैनात कई बीएसएफ कर्मी तस्करों से मिलकर पाक से आने वाली हेरोइन व हथियार भारत में पहुंचाने में मददगार हैं। कई पकड़े गए पाकिस्तानी तस्कर इसका खुलासा भी कर चुके हैं कि वे कई बार सरहद क्रॉस कर भारत में इंडियन तस्करों के पास रह चुके हैं। यही नहीं पुलिस भी कई बीएसएफ कर्मियों को तस्करों का साथ देने के आरोप में पकड़ चुकी है।

पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ में किसका 'कसूर', देखिए?

KasurRohi Nala near Indo-Pak Border help pakistani terrorist

कई बीएसएफ कर्मियों के तस्करों के साथ संबंध होने के सबूत मिलने पर यह सोचने पर मजबूर कर देते हैं कहीं इन्हीं की मदद के जरिये आतंकी भारत में प्रवेश तो नहीं हुए थे। पठानकोट में हुए आतंकी हमले में आतंकियों के पास भारी मात्रा में असलहा था, ये आतंकी खुद असलहा लेकर सरहद क्रॉस नहीं कर सकते जब तक किसी ने उनकी मदद न की हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ में किसका 'कसूर', देखिए?

KasurRohi Nala near Indo-Pak Border help pakistani terrorist

पाक का कसूर नाला भी भारत में बहने वाले सतलुज दरिया में आकर गिरता है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक सरहद के साथ बहने वाला दरिया हरिके हेड से लेकर फाजिल्का तक बीएसएफ के लिए मुश्किलें ही खड़ी किए हुए है। पंजाब के बार्डर से पाक के कई गांव सरहद के बिल्कुल नजदीक बसे हैं जैसे गट्टी कलंजर, अक्कू वाला व भिक्की विंड आदि।

विज्ञापन

पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ में किसका 'कसूर', देखिए?

KasurRohi Nala near Indo-Pak Border help pakistani terrorist

बार्डर के साथ बसे ग्रामीणों की भाषा पाकिस्तानी लोगों से खूब मिलती जुलती है। इस कारण इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। यदि कोई पाकिस्तान से आकर बार्डर के पास बसे गांव में रहना शुरू कर दे तो पता नहीं चलता है। सर्दियों में दरिया का पानी भी कम होता है। इस कारण तस्करों को आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होती है। इसके अलावा सरकंडों के घने जंगल से तस्कर हेरोइन की तस्करी करने के लिए सरहद तक पहुंच जाते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed