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करवाचौथ स्पेशल: करना न भूलें ये 5 काम, ध्यान रखेंगे तो मिलेगा दोगुना फल
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 19 Oct 2016 04:21 PM IST
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करवा चौथ पर करना न भूलें ये 5 काम
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करवा चौथ के खास मौके पर अमर उजाला आपको कुछ ऐसे 5 आसान कामों के बारे में बताने जा रहा है कि अगर उनका पालन किया जाए तो महिलाओं को उनके व्रत का फल जरूर मिलेगा।
करवा चौथ पर करना न भूलें ये 5 काम
सुहागन पहनें लाल कलर के कपड़े
इस दिन महिलाओं का यह व्रत उनके पति से जुडा हिआ होता है। इसी कारण महिलाओं को लाल रंग के कपडें पहनना चाहिए। आप चाहे तो इस दिन अपनी शादी का लहंगा या फिर और कोई लाल रंग का लहंगा या फिर साड़ी पहन सकती है। लाल रंग पहनने का कारण है कि इसे सुहाग की निशानी मानी जाती है। साथ ही यह प्रेम का प्रतीक माना जाता है।
इस दिन महिलाओं का यह व्रत उनके पति से जुडा हिआ होता है। इसी कारण महिलाओं को लाल रंग के कपडें पहनना चाहिए। आप चाहे तो इस दिन अपनी शादी का लहंगा या फिर और कोई लाल रंग का लहंगा या फिर साड़ी पहन सकती है। लाल रंग पहनने का कारण है कि इसे सुहाग की निशानी मानी जाती है। साथ ही यह प्रेम का प्रतीक माना जाता है।
करवा चौथ पर करना न भूलें ये 5 काम
सास अपनी बहू के दे सरगी
करवा चौथ के व्रत पर सरगी का सबसे अधिक महत्व है। इसके बिना तो व्रत की शुरुआत नही होती है। यह सरगी सास अपनी बहू को देती है। जो व्रत शुरू होने से पहले दी जाती है। इस सरगी में कुछ मिठाइयां और कपड़े और श्रृंगार का सामान होता है। इस सरगी को बहू करवा चौथ के दिन सूर्योदय होने से पहले सुबह लगभग चार बजे के आस-पास खाती है। इसके साथ ही उनके व्रत शुरू हो जाता है। महिलाएं इस व्रत को पूरी श्रृद्धा के साथ रखती है और शाम को जब चांद निकलता है असके बाद ही अपना व्रत खोलती है।
करवा चौथ के व्रत पर सरगी का सबसे अधिक महत्व है। इसके बिना तो व्रत की शुरुआत नही होती है। यह सरगी सास अपनी बहू को देती है। जो व्रत शुरू होने से पहले दी जाती है। इस सरगी में कुछ मिठाइयां और कपड़े और श्रृंगार का सामान होता है। इस सरगी को बहू करवा चौथ के दिन सूर्योदय होने से पहले सुबह लगभग चार बजे के आस-पास खाती है। इसके साथ ही उनके व्रत शुरू हो जाता है। महिलाएं इस व्रत को पूरी श्रृद्धा के साथ रखती है और शाम को जब चांद निकलता है असके बाद ही अपना व्रत खोलती है।
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करवा चौथ पर करना न भूलें ये 5 काम
मां भेजे अपनी बेटी को बाया
करवा चौथ में जिस तरह सरगी महत्वपूर्ण होती है उसी तरह बाया भी होता है। इस दिन मां अपनी बेटी को शाम को पूजा शुरू होने से पहले उसके घर या फिर उसे बाया देती है। इस बाया में कुछ मिठाईयां, गिफ्ट, ड्राई फुट्स आदि दिए जाते है।
करवा चौथ में जिस तरह सरगी महत्वपूर्ण होती है उसी तरह बाया भी होता है। इस दिन मां अपनी बेटी को शाम को पूजा शुरू होने से पहले उसके घर या फिर उसे बाया देती है। इस बाया में कुछ मिठाईयां, गिफ्ट, ड्राई फुट्स आदि दिए जाते है।
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करवा चौथ पर करना न भूलें ये 5 काम
एकाग्र होकर सुनें करवा चौथ की कथा
करवा चौथ के दिन जितना महत्व व्रत और पूजा करने का होता है। उतना ही महत्व करवा चौथ की कथा का भी है। इसलिए इस कथा को बडे ही एकाग्र होकर सुनना चाहिए। कभी-कभी हम देखते है कि कई महिलाएं ऐसी होती है कि वह एकचित्त होकर नही सुनती है। उनका मन और कही लगा होता है। जो शास्त्रों के अनुसार गलत माना जाता है। इसलिए सभी महिलाओं को एकाग्र होकर कथा सुननी चाहिए। जिससे आपको शुभ फल मिलेगा।
करवा चौथ के दिन जितना महत्व व्रत और पूजा करने का होता है। उतना ही महत्व करवा चौथ की कथा का भी है। इसलिए इस कथा को बडे ही एकाग्र होकर सुनना चाहिए। कभी-कभी हम देखते है कि कई महिलाएं ऐसी होती है कि वह एकचित्त होकर नही सुनती है। उनका मन और कही लगा होता है। जो शास्त्रों के अनुसार गलत माना जाता है। इसलिए सभी महिलाओं को एकाग्र होकर कथा सुननी चाहिए। जिससे आपको शुभ फल मिलेगा।