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घोड़ागाड़ी पर माल ढोने वाले की बेटी ओलंपिक में चमकी, मिलेगा अर्जुन अवार्ड

Wed, 24 Aug 2016 09:21 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 24 Aug 2016 09:21 AM IST
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indian woman hockey player rani rampal selected arjuna award, see profile
hockey player rani rampal - फोटो : amarujala
घोड़ागाड़ी पर माल ढोने का काम करने वाले की बेटी ने सिर्फ ओलंपिक में देश का नाम रोशन किया, ब्लकि अब उसे अर्जुन अवार्ड भी मिलेगा। देखिए, ये रिपोर्ट।
indian woman hockey player rani rampal selected arjuna award, see profile
hockey player rani rampal - फोटो : amarujala
बात हो रही है, भारतीय महिला हॉकी टीम की फास्ट फॉरवर्ड प्लेयर रानी रामपाल की। महिला हॉकी में हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले की रानी रामपाल को अर्जुन अवॉर्ड नवाजा जाएगा। गरीबी और कम संसाधनों के बावजूद भी रानी रामपाल ने भारतीय हॉकी टीम तक का सफर तय किया है। रानी के पिता आज भी शाहाबाद कस्बे में घोड़ा गाड़ी चलाते हैं। रानी रामपाल को इस बात की जरा भी हिचक नहीं है कि उसके पिता आज भी मजदूरी करते हैं। बल्कि उसे अपने पिता पर गर्व है।
indian woman hockey player rani rampal selected arjuna award, see profile
rani rampal father - फोटो : amarujala
बेटी को इतनी शोहरत मिलने और पैसा भी आने के बावजूद पिता आज भी जमीन से ही जुड़े हैं। यही घोड़ागाड़ी चला कर उन्होंने परिवार का गुजर बसर किया। इसी से अपनी बेटी के हॉकी खेलने के सपने को साकार किया और टीम इंडिया के साथ उसका रियो तक का सपना पूरा कराया। रियो ओलंपिक में भारत और जापान की महिला हॉकी टीम का मैच दो-दो की बराबरी पर छूट गया। एक समय ऐसा लग रहा था कि भारत यह मैच हार जाएगा, लेकिन आखिरी वक्त में मैच ड्रॉ हो गया।
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indian woman hockey player rani rampal selected arjuna award, see profile
hockey player rani rampal - फोटो : amarujala
मैच को बराबरी पर लाने में उनकी बेटी रानी रामपाल की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। यह खुशी का माहौल नवजोत के घर पर भी था। बस थोड़ी मायूसी इस खातिर थी कि इंडिया मैच नहीं जीता। पिता पर गर्व है, इसीलिए इस स्टार खिलाड़ी ने अपने नाम के साथ अपने पिता का भी नाम लगा रखा है। आज वह विश्व में रानी रामपाल के नाम से ही प्रसिद्ध है। द्रोणाचार्य अवार्डी कोच बलदेव सिंह के ट्रेनिंग और अपनी इसी जिद के बदौलत ही रानी ने सफलता के शिखर को छुआ।
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rani rampal father - फोटो : amarujala
अपने प्रदर्शन की बदौलत ही रानी ने रेलवे में क्लर्क की नौकरी हासिल की थी और टीम के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारी भी संभाली थी। रानी की हॉकी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उसका हॉकी सैंस बहुत गजब का है और यह बात उसके कोच भी मानते हैं।
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