हथियार रखने और लाइसेंस बनवाने के नियमों में बदलाव किया गया है। अब बंदूक के साथ अन्य हथियार रखने के लिए लाइसेंस लेना होगा, देखिए नए नियम।
भारत सरकार ने हथियारों के लाइसेंस पर यूआईएन नंबर लगाना जरूरी कर दिया है। इसके लिए 31 जनवरी तारीख तय की गई है। अगर इस तारीख तक नंबर नहीं लगवाया तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। पंजाब में फतेहगढ़ साहिब के अतिरिक्त उपायुक्त जे.के. जैन ने भारत सरकार की हिदायतों के अनुसार निर्देश जारी कर दिए हैं। यदि लाईसेंस धारक द्वारा निश्चित समय अंदर सूचना मुहैया नहीं करवाई जाती तो उनके हथियार लाईसेंस का यू.आई.एन. जरनेट नहीं होगा और हथियार लाइसेंस रद्द माना जाएगा।
गृह मंत्रालय के निर्देश पर जुलाई 2016 से हथियार रखने और लाइसेंस बनवाने के नियम बदल गए थे। इसके तहत बंदूक के साथ अन्य हथियार रखने के लिए लाइसेंस लेना होगा। आर्म्स लाइसेंस को लेकर अब अधिकारी फाइल को नहीं रोक सकेंगे। नए एक्ट में अधिकारियों को तय समय में फाइल पर कार्यवाही करनी होगी। आर्म्स लाइसेंस में फीस भी कई गुणा बढ़ा दी गई है। साथ ही तलवार, भाला, बल्लम रखने के लिए भी लाइसेंस लेना होगा।
केंद्र सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद हरियाणा में आर्म्स एक्ट 2016 को 15 जुलाई से लागू कर दिया था। नए एक्ट के अनुसार अब आपको अपने घर में तलवार रखनी हो तो उसके लिए लाइसेंस लेना होगा। इसके अलावा संगीन, भाला, बल्लम, कटार रखने के लिए भी लाइसेंस लेना पडे़गा, जिसमें लाइसेंस के समय 500 रुपये की फीस अदा करनी होगी। इस लाइसेंस को हर साल रिन्यू कराना होगा।
इसके लिए 100 रुपये नवीनीकरण फीस देनी पड़ेगी। नए आर्म्स एक्ट के अनुसार 17 तरह की सेवाओं के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। अधिकारियों को तय समय में यह काम करना होगा। ऐसा न होने पर अधिकारी से जवाब मांगा जाएगा। आम्स लाइसेंस के लिए तय सेवाओं में दो दिन से लेकर अधिकतम 60 दिन तक का समय दिया गया है। आर्म्स एक्ट के अनुसार किसी भी काम के लिए दो महीने से ज्यादा का समय नहीं लगेगा।