भारतीय सेना भर्ती का तरीका बदल रही है। सेना इसके लिए कुछ खास बदलाव कर रही है। आगे जानें क्या होने जा रहा है बदलाव
2 of 10
सेना में भर्ती
- फोटो : फाइल फोटो
सेना में भर्ती पाने वाले शातिर युवकों पर अब ज्वाइनिंग से पहले ही शिकंजा कसा जाएगा। सेना पहले दस्तावेजों की खुद जांच कराएगी, उनके सही मिलने पर ही नियु्क्ति पत्र जारी करेगी।
देश भर में ऐसे कई मामले सामने आए, जब युवकों ने सेना की खुली भर्ती में शामिल होने केलिए दलालों से विभिन्न तरह के फर्जी दस्तावेज तैयार करा लिए थे। इनमें मुख्यत: आवेदक का डोमिसाइल (शहर व घर के पते की तहसील से तस्दीक), शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट व स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट आदि शामिल थे।
अभी तक होता यह था कि सेना की खुली भर्ती में अपने जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद आवेदक दौड़, मेडिकल और लिखित परीक्षा पास कर लेते थे। इसके बाद उनको ज्वाइनिंग लेटर देकर विभिन्न यूनिटों में तैनात कर दिया जाता था। लेकिन बाद में प्रमाणपत्रों से संबंधित शिकायत मिलने या संदेह होने पर उनकी जांच करवाई जाती थी।
इसी के चलते सेना मुख्यालय के निर्देश के बाद अब चंडीगढ़, हरियाणा व हिमाचल में भर्ती प्रक्रिया आपरेट करने वाला क्षेत्रीय भर्ती मुख्यालय पूरी तरह से सतर्क हो गया है। सेना ने तय किया है कि चयनित आवेदकों के ज्वाइनिंग से पहले जवानों की टीमें विभिन्न सरकारी विभागों में जाएंगी और आवेदक के दस्तावेजों का सत्यापन करवाएंगी।