देश की सीमा में अब दुश्मनों और घुसपैठियों के लिए घुसना आसान नहीं होगा। अगर ऐसा करने की कोशिश की तो कदम रखते ही पकड़े जाएंगे और फिर खैर नहीं होगी।
दरअसल, भारत-पाकिस्तान बार्डर पर लगी फेंसिंग को काटकर या फेंसिंग के आसपास सुरंग बनाकर भारत में देश विरोधी तत्वों की घुसपैठ अब आसान नहीं होगी। क्योंकि अब बार्डर पर लगी फेंसिंग को अति आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस किया जाएगा। इसके लिए फिलहाल ट्रायल शुरू हो गया है। जल्द ये एडवांस सिक्योरिटी सिस्टम बार्डर फेंसिंग पर लगाएं जाएंगे।
जम्मू से लेकर गुजरात तक पाकिस्तान बार्डर पर हजारों किलोमीटर की फेंसिंग लगी है, जबकि पंजाब में 553 किलोमीटर का पाक बार्डर मौजूद है, जिसमें से 518 किलोमीटर बार्डर जमीन पर है, जहां लोहे की कंटीली फेंसिंग मौजूद है। इसके अलावा 35 किलोमीटर किलोमीटर का बार्डर विभिन्न नदियों में मौजूद है। इन सरहदों की सुरक्षा की जिम्मेवारी बार्डर सिक्योरिटी फोर्स के कंधों पर मौजूद है।
बार्डर पर कंटीली तारों के बावजूद भी पाकिस्तान की ओर से देश विरोधी तत्व सरहद पार कर घुसपैठ की फिराक में लगातार रहते हैं। पंजाब एरिया में हुसैनीवाला बार्डर के आसपास ही तीन सालों में बीएसएफ ने घुसपैठ की 290 कोशिशों को नाकाम किया गया, जिसमें से 28 घुसपैठिये मारे गए और 262 पकड़े गए। इसके अतिरिक्त 27 जुलाई 2015 को पंजाब के गुरदासपुर की दीनानगर पुलिस स्टेशन में आतंकी हमला हुआ।
2 जनवरी 2016 को भी पंजाब के पठानकोट में एयरफोर्स स्टेशन में भी आतंकी हमला हुआ। दोनों घटनाओं को अंजाम देने वाले ये आतंकी पंजाब स्थित पाक बार्डर से ही घुसपैठ कर देश में दाखिल हुए थे। इन्हीं घुसपैठियों को रोकने के लिए अब सरकार गंभीर है, जिसके चलते अब पाक बार्डर पर लगी कंटीली फेंसिंग पर आईआर (इंफ्रारेड) सेंसर समेत कुछ अन्य अति आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे।