फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

‘हम पाकिस्तान के जासूस नहीं हैं, न्याय और सम्मान चाहिए’ इन फौजियों की आपबीती सुनिए

Sat, 28 Apr 2018 04:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाजा, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाजा, चंडीगढ़ Updated Sat, 28 Apr 2018 04:31 PM IST
विज्ञापन
indian army personnel press conference on samba spy case, Samba spy scandal
सेना कर्मियों की प्रेसवार्ता
हम पाकिस्तान के जासूस नहीं हैं, हमें न्याय और सम्मान चाहिए। भारतीय सेना में रह चुके इन फौजियों की आपबीती सुनिए, मामला कोर्ट में है।
indian army personnel press conference on samba spy case, Samba spy scandal
सेना कर्मियों की प्रेसवार्ता
करीब 43 साल पहले चर्चित सांबा जासूसी कांड में फंसे कई सैन्य अफसर आज भी अपने सम्मान और न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। हाईकोर्ट तक तो ये अफसर अपने पक्ष में केस जीत भी चुके हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में इनका केस अभी विचाराधीन है। इन अफसरों का कहना है कि वे पाक के जासूस नहीं हैं, लेकिन फिर भी कुछ आर्मी अफसरों की मिलीभगत से उनके साथ रंजिशन ये कंलक जोड़ दिया गया।
indian army personnel press conference on samba spy case, Samba spy scandal
भारतीय सेना
इसलिए उन्होंने अब अपनी अदालती लड़ाई के साथ-साथ इस केस की सच्चाई देश की जनता के समक्ष रखने का फैसला लिया है। इस संबंध में कुछ सैन्य अफसरों ने शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर इस केस की सच्चाई से जुड़े कई तथ्यों को सामने रखा। इस दौरान पाक जासूसी में फंसे वास्तविक जासूस को भी पेश किया गया, जिसके कहने पर कई सैन्य अफसरों को बाद में इस जासूसी कांड में फंसाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
indian army personnel press conference on samba spy case, Samba spy scandal
भारतीय सेना
इन्हीं सैन्य अफसरों में से मुंबई निवासी मेजर एमआर अजमानी, नासिक निवासी एके राणा, गुरुग्राम निवासी कैप्टन आरएस राठौड़, गुरुग्राम निवासी कैप्टन जेएस यादव, नोएडा निवासी वीके  दीवान व अंबाला के अधोया निवासी दौलतराम शर्मा ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि ये मामला सन 1975 में शुरू हुआ था। इसमें उन्हे रंजिशन झूठा फंसाया गया था। इंटेलीजेंस ब्यूरो ने दो साल के सर्विलांस के बाद दो जवानों आया सिंह और सरवन दास को पाक जासूसी में पकड़ा था।
विज्ञापन
indian army personnel press conference on samba spy case, Samba spy scandal
भारतीय सेना
इन्हें आईबी ने सेना के सुपुर्द किया गया। लेकिन इस दौरान एक जासूस सरवन दास भागकर पाक चला गया था और छह महीने बाद वहां से लौटकर उसे सरेंडर कर दिया था। पीड़ित सैन्य अफसरों ने बताया कि वे लौटकर इस बात को स्पष्ट कर चुका था कि इस जासूसी कांड में उसके और आया सिंह के अलावा दूसरा कोई शामिल नहीं है। लेकिन फिर भी कुछ अफसरों ने उन दोनों जासूसों को टार्चर कर रंजिशन कुछ और सैन्य अफसरों को भी फंसा दिया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed