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Chandigarh ICAS Officer Murder: 2020 में शादी, ढाई माह में अनबन....चार साल बाद धांय-धांय से जिंदगी खत्म
Mon, 05 Aug 2024 12:30 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 05 Aug 2024 12:30 PM IST
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चंडीगढ़ में आईसीएएस अधिकारी की हत्या।
- फोटो : संवाद/फाइल
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चंडीगढ़ जिला अदालत परिसर में पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी मालविंदर सिंह सिद्धू ने अपने दामाद की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया था। मरने वाला हरप्रीत सिंह आईसीएएस अधिकारी था। उसका आरोपी की बेटी के साथ तलाक का मामला चल रहा था। अब मृतक के पिता ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
चंडीगढ़ कोर्ट में हत्या।
- फोटो : फाइल
मोहाली के एक डीएसपी ने हरप्रीत को अकेले बुलाया था
हरप्रीत सिंह के पिता करनैल सिंह ने कहा कि उनके बेटे की हत्या में मालविंदर के अलावा कई अन्य लोग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चार-पांच दिन पहले मोहाली के एक डीएसपी ने हरप्रीत को फोन कर अकेले में मालविंदर से बातचीत के लिए मोहाली में बुलाया था लेकिन उस दिन वह नहीं जा सका अन्यथा उनके बेटे की उसी दिन हत्या हो सकती थी।
हरप्रीत सिंह के पिता करनैल सिंह ने कहा कि उनके बेटे की हत्या में मालविंदर के अलावा कई अन्य लोग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चार-पांच दिन पहले मोहाली के एक डीएसपी ने हरप्रीत को फोन कर अकेले में मालविंदर से बातचीत के लिए मोहाली में बुलाया था लेकिन उस दिन वह नहीं जा सका अन्यथा उनके बेटे की उसी दिन हत्या हो सकती थी।
चंडीगढ़ कोर्ट में हत्या
- फोटो : फाइल
सीबीआई जांच की मांग
करनैल सिंह ने बताया कि आरोपी ने उनके बेटे और उन पर बहू से मारपीट व दहेज के अलावा गर्भपात करवाने के झूठे आरोप लगाकर केस दर्ज करवाया था जबकि लड़की पक्ष के लोग खुद ही अपनी बेटी को बिना बताए उनके घर से लेकर गए थे। अब योजना के मुताबिक उनके बेटे की हत्या की गई है। वह चाहते हैं कि इस मामले में सीबीआई जांच हो क्योंकि उन्हें चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस पर भरोसा नहीं है।
करनैल सिंह ने बताया कि आरोपी ने उनके बेटे और उन पर बहू से मारपीट व दहेज के अलावा गर्भपात करवाने के झूठे आरोप लगाकर केस दर्ज करवाया था जबकि लड़की पक्ष के लोग खुद ही अपनी बेटी को बिना बताए उनके घर से लेकर गए थे। अब योजना के मुताबिक उनके बेटे की हत्या की गई है। वह चाहते हैं कि इस मामले में सीबीआई जांच हो क्योंकि उन्हें चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस पर भरोसा नहीं है।
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आरोपी को कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाती पुलिस
- फोटो : संवाद
2020 में हुई शादी, ढाई महीने में ही हो गया था विवाद
आरोपी सिद्धू की बेटी डा. अमितोज कौर की शादी वर्ष 2020 में तलाकशुदा आईसीएएस अधिकारी हरप्रीत सिंह से हुई थी। शादी के दो-ढाई महीने बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। लड़की पक्ष ने ससुराल पक्ष पर मारपीट व दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मोहाली में केस दर्ज करवा दिया। वर्ष 2023 में हरप्रीत ने अमितोज कौर से तलाक के लिए केस दायर किया लेकिन वह कनाडा चली गई थी। ऐसे में मालविंदर ही उसके केस की पैरवी कर रहा था।
आरोपी सिद्धू की बेटी डा. अमितोज कौर की शादी वर्ष 2020 में तलाकशुदा आईसीएएस अधिकारी हरप्रीत सिंह से हुई थी। शादी के दो-ढाई महीने बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। लड़की पक्ष ने ससुराल पक्ष पर मारपीट व दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मोहाली में केस दर्ज करवा दिया। वर्ष 2023 में हरप्रीत ने अमितोज कौर से तलाक के लिए केस दायर किया लेकिन वह कनाडा चली गई थी। ऐसे में मालविंदर ही उसके केस की पैरवी कर रहा था।
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चंडीगढ़ कोर्ट में हत्या
- फोटो : अमर उजाला
लाइसेंसी पिस्टल से ली जान
शनिवार को दोनों पक्ष बातचीत के लिए पारिवारिक न्यायालय पहुंचे थे, जहां मालविंदर ने दामाद की गोलियां मारकर हत्या कर दी। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वारदात में इस्तेमाल पिस्टल उसकी खुद की है और लाइसेंसी पिस्टल है। लाइसेंस घर पर रखा हुआ है। पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष दलील दी कि आरोपी की पिस्टल का लाइसेंस कब्जे में लेकर उसकी जांच करनी है और पता करना है कि वह पिस्टल लेकर किस रास्ते से अदालत में पहुंचा था और हत्या की योजना में अन्य कौन-कौन शामिल थे। वहीं, सूत्रों के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति के पास लाइसेंसी पिस्टल भी है तो वह उसे अपने राज्य के अलावा किसी अन्य राज्य में लेकर नहीं जा सकता है।
शनिवार को दोनों पक्ष बातचीत के लिए पारिवारिक न्यायालय पहुंचे थे, जहां मालविंदर ने दामाद की गोलियां मारकर हत्या कर दी। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वारदात में इस्तेमाल पिस्टल उसकी खुद की है और लाइसेंसी पिस्टल है। लाइसेंस घर पर रखा हुआ है। पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष दलील दी कि आरोपी की पिस्टल का लाइसेंस कब्जे में लेकर उसकी जांच करनी है और पता करना है कि वह पिस्टल लेकर किस रास्ते से अदालत में पहुंचा था और हत्या की योजना में अन्य कौन-कौन शामिल थे। वहीं, सूत्रों के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति के पास लाइसेंसी पिस्टल भी है तो वह उसे अपने राज्य के अलावा किसी अन्य राज्य में लेकर नहीं जा सकता है।