चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर डटे किसान: खुद खाना बनाकर लगाया लंगर, ग्रामोफोन पर पुराने गाने सुन बिता रहे समय
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि चंडीगढ़ बॉर्डर पर एसकेएम का यह पहला बड़ा प्रदर्शन है। इस दिन-रात के मोर्चे के दौरान किसानों की मांगों पर प्रतिदिन चर्चा होगी।
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आंदोलन के लिए सोमवार शाम से ही किसान जत्थेबंदियां मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर के फेज-11 क्षेत्र में पहुंचना शुरू हो गईं। मंगलवार सुबह तक बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल पर डट गए।
प्रदर्शन के दाैरान किसानों ने खुद ही खाना बनाया और पुराने गाने सुन कर अपना वक्त बिताया। डेराबस्सी से आए मोहन सिंह कसौली अपने साथ ग्रामोफोन लाए हैं। इस पर वे पुराने गानों की डिस्क लगा कर गाने सुनवा रहे हैं। गुरदासपुर से बिशन रोनकी ने धक्के खा खा पालिया है, आज तू धक्के मारदा गाना गाकर अपना रोष जाहिर किया।
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि चंडीगढ़ बॉर्डर पर एसकेएम का यह पहला बड़ा प्रदर्शन है। इस दिन-रात के मोर्चे के दौरान किसानों की मांगों पर प्रतिदिन चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि मुख्य मांगों में पानी से संबंधित पुराने समझौते रद्द करना शामिल है।
इसके अलावा, गन्ने के किसानों को उचित और समय पर भुगतान की वह मांग कर रहे हैं। धरने में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौतों जैसे अहम मुद्दों पर भी आवाज उठाई जाएगी। नेताओं ने कहा कि वे सरकार के बातचीत के आमंत्रण पर पूरी तरह तैयार हैं।
किसानों ने गोल्फ क्लब से लेकर 47/48 लाइट प्वाइंट तक सड़क के एक हिस्से को धरने के लिए घेर लिया है। प्रशासन की सहमति से सड़क का दूसरा हिस्सा आम लोगों के लिए खुला रखा गया है, ताकि चंडीगढ़ और मोहाली के बीच आवाजाही पूरी तरह बाधित न हो। किसानों ने 47/48 लाइट प्वाइंट पर अपना स्टेज लगाया है।
किसानों के धरने के कारण ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। ट्रिब्यून चौक की तरफ से आइसर चौक आने वाला रास्ता खुला है और दोनों तरफ का ट्रैफिक इसी रास्ते से निकाला जा रहा है। मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले वाहन चालकों को आइसर चौक से सीपी मॉल की तरफ डायवर्ट किया गया है। वहीं, फेज-11 और अंदरूनी सड़कों से आने वाले ट्रैफिक को गोल्फ क्लब की तरफ से जगतपुरा रोड के रास्ते चंडीगढ़ भेजा जा रहा है।
किसान नेताओं ने कहा कि वे पूरी तैयारी के साथ मोर्चे पर पहुंचे हैं। कई जत्थेबंदियां अपने साथ करीब दो महीने का राशन लेकर आई हैं। धरना स्थल पर पहुंच रही संगत के लिए लंगर की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। गैस सिलेंडरों से भरी ट्रालियां भी धरना स्थल पर पहुंच चुकी हैं। किसानों के मुताबिक सात दिनों तक दिन-रात धरना जारी रहेगा और वे इसी स्थान पर रहेंगे।
बीकेयू राजेवाल के जिला महासचिव लखविंदर सिंह ने कहा कि एसकेएम की ओर से दिए गए सात दिवसीय धरने में पंजाब और केंद्र सरकार से संबंधित कई मांगें उठाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 2020 के दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से मानी गई कई मांगें अभी भी पूरी तरह लागू नहीं हुई हैं। उनके संगठन की ओर से जिला प्रधान कृपाल सिंह सैहौदी की अगुवाई में लंगर की सेवा लगाई गई है।
500 ट्रालियां पहुंचने का दावा
बीकेयू राजेवाल के मोहाली ब्लॉक प्रधान जसविंदर सिंह संधू ने बताया कि उनकी जत्थेबंदी की ओर से पंजाब भर से करीब 500 ट्रालियां पहुंचने की उम्मीद है। अन्य किसान संगठनों की ओर से भी पूरा सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई जत्थेबंदियां सोमवार रात पहुंच गई थीं, जबकि बाकी मंगलवार दोपहर तक पहुंचेंगी। इसके बाद धरना स्थल पर मंच की गतिविधियां शुरू होंगी।
बिजली और बीज संशोधन बिल का विरोध
किसान नेताओं ने बिजली संशोधन बिल और बीज संशोधन बिल समेत किसानों से जुड़े कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली आंदोलन के दौरान जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन्हें लागू किया जाना चाहिए। इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड समझौते का भी किसान विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि ऐसे समझौतों का असर देश के कृषि क्षेत्र और किसानों पर पड़ सकता है।
किसान बोले-सरकार के खिलाफ, जनता के नहीं
जसविंदर सिंह संधू ने कहा कि प्रशासन की सहमति से धरने के लिए सड़क का एक हिस्सा लिया गया है, जबकि दूसरा हिस्सा आम लोगों के लिए खुला रखा गया है। उन्होंने कहा कि किसान लोगों को परेशान नहीं करना चाहते। "हमारा आंदोलन सरकारों की नीतियों के खिलाफ है, लोगों के खिलाफ नहीं।" उन्होंने पंजाब के राजनीतिक दलों पर भी किसानों और पंजाब के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
बारिश से निपटने की भी तैयारी
धरने के दौरान बारिश की संभावना को लेकर किसान हरदीप बैदवान ने कहा कि फिलहाल गर्मी का माहौल है और अगर बारिश होती है तो उससे गर्मी से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि किसान अपने साथ तिरपाल भी लेकर आए हैं, इसलिए बारिश होने पर भी धरना जारी रखने की तैयारी है।