फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Politics in Punjab Families of Six Former Chief Ministers from Malwa Marginalized 2027

पंजाब में बदल रही राजनीति: मालवा के छह पूर्व मुख्यमंत्रियों के परिवार हाशिये पर, 2027 में होगी अग्निपरीक्षा

Tue, 01 Sep 2026 08:21 AM IST
Nivedita सुशील कुमार, संवाद, सुनाम
सुशील कुमार, संवाद, सुनाम Published by: Nivedita Updated Tue, 01 Sep 2026 08:21 AM IST
सार

पंजाब की सियासत में मालवा एक अहम स्थान रखता है। इस क्षेत्र से पंजाब को छह सीएम मिले हैं। इनमें प्रकाश सिंह बादल, सुरजीत सिंह बरनाला, बेअंत सिंह, हरचरण सिंह बराड़, कैप्टन अमरिंदर सिंह और बीबी राजिंदर काैर भट्ठल शामिल हैं। माैजूदा सीएम भगवंत मान भी मालवा से ही हैं। 

विज्ञापन
Politics in Punjab Families of Six Former Chief Ministers from Malwa Marginalized 2027
मालवा की सियासत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पंजाब के राजनीतिक इतिहास में मालवा क्षेत्र का योगदान सदैव महत्वपूर्ण रहा है। इस भूमि से प्रकाश सिंह बादल, सुरजीत सिंह बरनाला, बेअंत सिंह, हरचरण सिंह बराड़, कैप्टन अमरिंदर सिंह और बीबी राजेंद्र कौर भट्ठल जैसे छह प्रमुख नेता उभरे। 

विज्ञापन


दशकों तक राज्य की राजनीति को आकार देने वाले इन स्थापित घरानों के सामने अब अपनी सियासी साख पुनर्जीवित करने और नई पीढ़ी को मुख्यधारा में स्थापित करने की चुनौती है।

विज्ञापन

पांच बार के सीएम बादल का परिवार भी संघर्षरत

प्रकाश सिंह बादल पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री बने, लेकिन 2022 के चुनाव में लंबी विधानसभा सीट से उन्हें असफलता मिली। उनके निधन के बाद पुत्र सुखबीर सिंह बादल व सांसद हरसिमरत कौर बादल परिवार की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। सुरजीत सिंह बरनाला ने लोकतांत्रिक मूल्यों की पैरवी की, उनके पुत्र गगनजीत सिंह बरनाला व पौत्र जनसेवा की राजनीति जीवित रखने को संघर्षरत हैं। 

बेअंत सिंह ने राज्य में शांति बहाली के दौर में मुख्यमंत्री पद संभाला था। उनके पोते रवनीत सिंह बिट्टू (भाजपा) और गुरकीरत सिंह कोटली (कांग्रेस) उनकी सियासी विरासत को अलग-अलग मंचों से आगे बढ़ा रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह दो बार मुख्यमंत्री रहे, 2022 में अपनी पारंपरिक पटियाला सीट से चुनाव हारे। 

वे अब भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से मालवा और पंजाब में नए सियासी समीकरण साध रहे हैं। उनकी पत्नी परनीत कौर और बेटी जयइंदर कौर भी राजनीति में सक्रिय हैं। बीबी राजिंदर कौर भट्ठल पंजाब की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं, 2017 और 2022 में चुनाव हारने के बावजूद वे कांग्रेस में रहकर सक्रिय हैं। हरचरण सिंह बराड़ के बाद उनकी बहू करण कौर बराड़ (पूर्व विधायक) पारिवारिक साख संभाले हुए हैं।

पारंपरिक घरानों की वर्तमान स्थिति

प्रकाश सिंह बादल के निधन के बाद सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल पार्टी व परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। सुरजीत सिंह बरनाला के पुत्र गगनजीत सिंह बरनाला और पौत्र अपने पिता के सिद्धांतों पर संघर्ष कर रहे हैं। बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू (भाजपा) और पूर्व कैबिनेट मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली (कांग्रेस) अपने दादा की सियासी विरासत को अलग-अलग मंचों से आगे बढ़ा रहे हैं। हरचरण सिंह बराड़ के परिवार में उनकी बहू करण कौर बराड़ (पूर्व विधायक) अपनी राजनीतिक जमीन बचाने का प्रयास कर रही हैं।

मालवा में बदलती राजनीति
कैप्टन अमरिंदर सिंह 2022 में अपनी पारंपरिक सीट से चुनाव हारने के बाद भाजपा में सक्रिय हैं। उनकी पत्नी परनीत कौर और बेटी जयइंदर कौर भी राजनीति में हैं। बीबी राजेंद्र कौर भट्ठल 2017 और 2022 में चुनाव हारने के बावजूद कांग्रेस में अपनी राजनीतिक सक्रियता बनाए हुए हैं। इन पारंपरिक घरानों के संघर्ष के बीच मालवा के धूरी क्षेत्र से भगवंत मान आम आदमी पार्टी की लहर में मुख्यमंत्री बने। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जनता ने इन घरानों को नया अवसर दिया है, जिसका परिणाम 2027 में दिखेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed