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युवाओं को नशेड़ी बनने से रोकने को सरकार ने उठाया कदम, एक तीर दो निशाने

Tue, 25 Jul 2017 12:35 PM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 25 Jul 2017 12:35 PM IST
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haryana govt planning to demolish drug addiction, drug smuggling, drug rackets
drugs
युवाओं में नशे की लत, नशा तस्करों और नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने अब बड़ा कदम उठाया है, जिससे एक साथ दो निशाने लगेंगे।  

 
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दरअसल, हरियाणा सरकार अब नशेड़ियों को ही नशे के कारोबार के खिलाफ हथियार बनाएगी। नशेड़ियों की काउंसलिंग कर उनकी मुखबिरी से नशे का नेटवर्क तोड़ा जाएगा। इसी योजना के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने नशा मुक्ति केंद्रों से एक गोपनीय रिपोर्ट तैयार करवाई है, जो नशे के नेटवर्क को तोड़ने में कारगार साबित होगी।
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ड्रग्स स्मगलिंग - फोटो : डेमो फोटो
हरियाणा में नशे के हालात थोड़ी गंभीर है। यूपी से वाया दिल्ली हरियाणा में नशा भेजा जाता है और यहीं से नशा आगे पंजाब तक सप्लाई किया जाता है। दूसरी ओर, हिमाचल से भी वाया हरियाणा आगे नशा सप्लाई होता है। हरियाणा के अंबाला में इंटरनेशनल गिरोह के सदस्य भी 60 किलो अफीम के साथ काबू किया था। वे कुल्लू के पुलगा गांव से अफीम की खेप लेकर वाया अंबाला छावनी ट्रेन से मुंबई जा रहे थे। वहां से यह खेप इटली जानी थी। 
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पुलिस ने इस मामले में इटली के एक निवासी को भी काबू किया था। इसके अतिरिक्त हरियाणा में नशे के कैप्सूल की सप्लाई जोरों पर है। इतना ही नहीं, यूपी व दिल्ली से आने वाली कई टैक्सी चालक भी नशे की तस्करी में लिप्त हैं। ऐसे मामले पुलिस की पकड़ में आ चुके हैं। विभिन्न शहरों के पिछड़े इलाकों में भी मिलीभगत के चलते नशा कारोबारी अपने घरों में भी इस गोरखधंधे में लिप्त हैं।
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने सभी जिलों के डीसी की देखरेख में एडीसी, सीएमओ, डीएसडब्ल्यूओ की टीमें बनाईं और उन्हें सरकार के अधिकृत नशा मुक्ति केंद्रों में भेजा। वहां इन टीमों ने उपचाराधीन नशेड़ियों की काउंसलिंग की। उनसे यह सूचना एकत्रित की कि वे कब से नशा करते हैं, किसने उन्हें इस लत में डाला, वे नशा कहां से लाते हैं, नशे का कारोबार करने वाले कौन लोग (तस्कर व कारोबारी) उनके संपर्क में हैं, वे कहां रहते हैं और उन्हें नशा कैसे उपलब्ध करवाते हैं? इत्यादि। 
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