{"_id":"590c648c4f1c1b810d44384d","slug":"haryana-chief-minister-manohar-lal-khattar-birth-anniversary","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"B'day Spcl: ये हैं देश के अनमैरिड सीएम, डॉक्टर बनना चाहते थे लेकिन सीएम बन गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
B'day Spcl: ये हैं देश के अनमैरिड सीएम, डॉक्टर बनना चाहते थे लेकिन सीएम बन गए
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 06 May 2017 09:45 AM IST
विज्ञापन
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस सीएम के दादा-पिता मजदूरी किया करते थे। खुद भी साइकिल पर सब्जी बेचीं। लेकिन हिम्मत ऐसी, सभी मुश्किलों का सामना किया और आज एक राज्य के मुख्यमंत्री है।
अमित शाह और CM खट्टर के बीच बातचीत
बात हो रही है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मनोहर' सीएम की। याद आया कुछ, आज यानी 5 मई को इनका 63वां जन्मदिन है। जी हां, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर एक पंजाबी फैमिली से हैं। वे काफी समय तक आरएसएस से जुड़े रहे, वहां पर पीएम मोदी भी उनके साथ थे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कभी इनके हालात इतने इतने खराब थे कि साइकिल पर सब्जियां बेचने के लिए जाया करते थे।
Haryana CM Manohar lal khattar
- फोटो : अमर उजाला
सीएम खट्टर के पिता का नाम हरबंसलाल था। वे 1947 में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के वक्त परिवार को लेकर रोहतक आ गए थे। परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण उनके पिता और दादा को मजदूरी तक करनी पड़ी। जैसे तैसे करके पैसे इकट्ठे किए गए और जमीन खरीदकर खेती बाड़ी शुरू की, लेकिन हालात में ज्यादा सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
khattar
- फोटो : अमर उजाला
मनोहर लाल खट्टर पांच भाई है। एक भाई जगदीश दिल्ली में रहते हैं और एक भाई गुलशन बनियानी गांव में ही खेती देखते हैं। उनके दो भाई रोहतक में रहते हैं। उनसे छोटे तीसरे नंबर के भाई चरणजीत ही नौकरी में थे। वे टीचर बने और हाल ही में सरकारी स्कूल से रिटायर हुए हैं। सीएम का मकान 1974 में बनियानी में बना था। यह 150 गज की जमीन पर बना है, जिसमें तीन कमरे हैं।
विज्ञापन
सीएम खट्टर
मनोहर लाल खट्टर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पंडित नेकी राम शर्मा गवर्नमेंट कॉलेज से की। उनके पिता उन्हें आगे पढ़ने देना नहीं चाहते थे। वे चाहते थे कि उनका बेटा उनके काम में हाथ बटाए, लेकिन मनोहर आगे पढ़ाई कर डॉक्टर बनना चाहते थे। हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे घरवालों से पैसे उधार लेकर दिल्ली चले आए और दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन की पढ़ाई पूरी कर मेडिकल की तैयारी करने लगे।