हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम भाजपा के उम्मीदों पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने सबसे बड़ी वापसी की है। हालांकि सबसे ज्यादा लोगों को जेजेपी ने चौंकाया है। हरियाणा की सत्ता की चाबी जेजेपी के हाथ में है। दुष्यंत चौटाला किंगमेकर बनकर उभरे हैं। आइए जानते हैं जननायक जनता पार्टी के बारे में...
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अभय सिंह चौटाला
- फोटो : ani
जननायक जनता पार्टी का गठन पिछले साल 9 दिसंबर को जींद में हुआ था। दुष्यंत चौटाला ने इनलो से अलग होकर नई पार्टी का गठन किया। अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में जजपा ने अपने आप को साबित कर दिखाया। दुष्यंत चौटाला पूर्व सांसद हैं, ताऊ देवीलाल की चौथी पीढ़ी से होने व पांच साल सांसद रहने के कारण उनके भी अनेक चाहने वाले हैं। प्रधानमंत्री पद ठुकराने वाले चौधरी देवीलाल को कौन नहीं जानता। देवीलाल के बेटे हैं ओमप्रकाश चौटाला। ओमप्रकाश चौटाला के दो बेटे हैं। अजय चौटाला और अभय चौटाला। अभय चौटाला से छिड़ी सियासी रार के बाद अजय चौटाला ने जननायक जनता पार्टी का गठन किया।
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नैना चौटाला
- फोटो : अमर उजाला
चाचा से ठनी थी राह
ओमप्रकाश चौटाला और छोटे बेटे अभय इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) का झंडा बुलंद किए हुए हैं। इनेलो से अलग होकर बनी जननायक जनता पार्टी (जजपा) की जिम्मेदारी बड़े बेटे अजय चौटाला के कंधों पर है। अजय अभी जेल में हैं इसलिए जजपा की बागडोर उनके बेटे दुष्यंत, छोटे बेटे दिग्विजय और पत्नी विधायक नैना चौटाला के हाथ में है।
दोनों ही पार्टियां उप प्रधानमंत्री देवीलाल की विरासत को आगे बढ़ाने के दावे के साथ मैदान में हैं। दुष्यंत के नेतृत्व में जेजेपी ने कमाल का प्रदर्शन किया। वे हरियाणा में किंगमेकर बनकर उभरे हैं।
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Devilal, Abhay Chautala, Ajay Chautala, Omprakash Chautala
- फोटो : AmarUjala
29 साल बाद... खानदान में फिर वही कहानी
चौटाला परिवार में 29 साल बाद इतिहास ने खुद को फिर दोहराया था। तब यह जंग देवीलाल के दो बेटों ओमप्रकाश व रणजीत के बीच थी। अब पूर्व सीएम ओमप्रकाश के दो बेटों अजय और अभय चौटाला के बीच ठनी। फूट का लावा कुछ समय से धधक ही रहा था, लेकिन सात अक्तूबर 2018 को दिवंगत ताऊ देवीलाल के जन्मदिवस पर गोहाना में आयोजित सम्मान दिवस रैली में फूट खुलकर सामने आई।
अजय के बेटे दुष्यंत चौटाला के समर्थकों ने इस रैली में मंच पर आसीन पेरोल पर आए ओमप्रकाश के समक्ष ही न केवल दुष्यंत के समर्थन में 'भावी सीएम' के नारे लगाए थे, बल्कि जब ओमप्रकाश के छोटे बेटे अभय भाषण देने आए तो उनके खिलाफ जमकर हूटिंग की थी। इस पर ओमप्रकाश ने मंच से ही नाराजगी जाहिर की और मामले को इनेलो की अनुशासन समिति को कार्रवाई के लिए सौंप दिया था। जांच के बाद अजय के बेटे दुष्यंत और दिग्विजय को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। बाद में ओमप्रकाश के बड़े बेटे अजय को भी निष्कासित कर दिया गया। इनेलो से अलग होकर अजय चौटाला ने जननायक जनता पार्टी का गठन किया था।