गुरदासपुर में हुए किडनेपिंग कांड में एसपी ही सवालों के घेरे में
गुरदासपुर में एसपी सलविंदर सिंह सहित उनके दो अन्य साथियों के अपहरण की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है, वहीं यह घटना अपने पीछे कई सवाल खड़े कर गई है।
गुरदासपुर में हुए किडनेपिंग कांड में एसपी ही सवालों के घेरे में
एसपी सलविंदर सिंह का दो दिन पहले ही पीएपी कांप्लेक्स जालंधर में 75वीं बटालियन में बतौर सहायक कमांडेंट तबादला हुआ था, हालांकि उन्होंने अभी ड्यूटी ज्वाइन नहीं की थी। पुलिस की जांच में एसपी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। वह रात को सीमावर्ती क्षेत्र में आखिर करने क्या गए थे।
गुरदासपुर में हुए किडनेपिंग कांड में एसपी ही सवालों के घेरे में
साथ ही यह भी सवाल है कि वे अपने साथ अपने गनमैन को क्यों नहीं लेकर गए थे। उनके पास कोई हथियार नहीं था और अगर था तो उन्होंने इसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया। पुलिस के आला अधिकारी पठानकोट पहुंच रहे हैं, लेकिन मामले के बारे में कोई भी जानकारी देने को तैयार नहीं हैं।
गुरदासपुर में हुए किडनेपिंग कांड में एसपी ही सवालों के घेरे में
घटना के बाद पठानकोट-गुरदासपुर से सटी भारत-पाक सीमा पर अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस इसे आतंकी घटना मानकर ही जांच को आगे बढ़ा रही है। एसपी के साथी राजेश वर्मा और कुक मदन लाल ने बताया कि आरोपी हिंदी में बात कर रहे थे। उनके पास एके-47 जैसा हथियार होने की बात कही जा रही है।
गुरदासपुर में हुए किडनेपिंग कांड में एसपी ही सवालों के घेरे में
यह पूरा घटना क्रम पठानकोट पुलिस जिला के अधीन हुआ है, यह जरूर है कि जिसके साथ यह घटना पेश आई, वह गुरदासपुर में एसपी रह चुके हैं। लेकिन कुछ दिन पहले ही उनका तबादला जालंधर हो गया था।
गुरप्रीत सिंह तूर, एसएसपी गुरदासपुर