जीएसटी लागू होने के बाद आए दिन ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। देखिए आप भी इस तरह की ठगी का शिकार हो सकते हैं, जानिए और सावधानी बरतें।
मामला हरियाणा के रोहतक जिले के गांव सौदापुर में सामने आया। जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर दुकानदारों को ठगा जा रहा था। दुकानदारों से रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 12-12 सौ रुपये मांगे जा रहे थे। दुकानदारों ने फार्म भी भरने शुरू करा दिए। इसी बीच पंच हनी की समझदारी से कई दुकानदार ठगी से बच गए।
हुआ यूं कि गांव में दो युवक व एक युवती पकोड़ा विक्रेता सतनाम सिंह के पास आए और कहा कि जीएसटी लागू हो गया है। अब सभी दुकानों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। इसके लिए सभी दुकानदारों को 1200 रुपये देने होंगे। सतनाम ने फार्म भर देने की बात कही। इतनी ही देर में पंच लवप्रीत उर्फ हनी आ गया।
हनी ने जब उन तीनों से नाम पता और अन्य जानकारी मांगी तो वे कोई जवाब नहीं दे सके। उसने पुलिस को बुलाने की बात कही तो वे तीनों बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। इसी तरह जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारियों के उस गिरोह में काफी बेचैनी है, जो बिना रजिस्टर्ड कैश पर अपना ज्यादातर काम कर टैक्स की भारी चोरी करते थे।
इनमें गैर रजिस्टर्ड कारोबारी शामिल हैं। अब ऐसे ही कारोबारियों की ओर से फर्जीवाड़े की आशंका बन गई है, जिसे लेकर जीएसटी आयुक्तालय ने अलर्ट किया है। उद्योगपतियों और ग्राहकों से आह्वान किया गया है कि वे माल की खरीद-फरोख्त के दौरान जीएसटी पर आधारित जनरेट किए गए बिल पर जीएसटी नंबर की तस्दीक जरूर कर लें।