जीएसटी लागू होने के बाद दुकानदार अपने फायदे के लिए लोगों को ठग रहे हैं और इसके लिए वे तरह तरह के तरीके अपना रहे है। जानिए और सावधानी बरतें।
दरअसल, जीएसटी लागू होने के बाद सस्ते होने वाले समान की लिस्ट में अब तक ज्यादातर सामान उन्हीं दामों पर बेचे जा रहे हैं जितने पहले। दालें, दूध, टूथपेस्ट जैसे आइटम के दामों में अब तक कोई परिवर्तन नहीं है। आम पब्लिक ज्यादा सामान परचून की दुकानों से खरीदती है और वहां दामों में कोई अंतर नहीं है। मसलन दालों के दाम पहले भी 70 रुपये किलो थे और अब भी दाल की कीमतें 70 रुपये है।
वहीं दूध भी पहले की कीमत पर मिल रहा है। वहीं टूथपेस्ट में कोलगेट ने रेट्स में परिवर्तन कर दिया है। चंडीगढ़ के एक परचून व्यापारी राम सिंह के अनुसार जीएसटी का सही प्रभाव दो माह बाद नई एमआरपी लिस्ट के बाद ही मालूम होगा। ज्यादातर लोग राशन परचून की दुकानों से ही खरीदते हैं। ऐसे में एक दो रुपये का अंतर भी होता है तो उसका असर नहीं दिखाई देता है।
सेक्टर-24 के एक परचून विक्रेता ने कहा कि आटा की कीमत पहले तीन सौ रुपये थी और अभी भी इसकी कीमत उतनी ही है। मसलन, जिनके रेट्स सस्ते होते जा रहे हैं उनको दुकानदार भी सस्ता कर रहे हैं। दुकानदार पवन ने बताया कि वह जीएसटी के लागू होने के बाद ई बाइक्स नहीं सेल कर पा रहे हैं। इसका कारण है कि ई बाइक्स का एचएसएन कोड अब तक कंपनी से नहीं आया है। ऐसी स्थिति में क्या रेट होगा वह खुद कैसे तय कर लें।
जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारियों के उस गिरोह में काफी बेचैनी है, जो बिना रजिस्टर्ड कैश पर अपना ज्यादातर काम कर टैक्स की भारी चोरी करते थे। इनमें गैर रजिस्टर्ड कारोबारी शामिल हैं। अब ऐसे ही कारोबारियों की ओर से फर्जीवाड़े की आशंका बन गई है, जिसे लेकर जीएसटी आयुक्तालय ने अलर्ट किया है।