लड़का हो या लड़की, अगर आपको ये लक्षण नजर आएं तो बिल्कुल भी शर्म न करें, वरना जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। खबर पढ़ें और संभल जाएं।
पीजीआई चंडीगढ़ में एंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट की ओर से दो दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ओवरी और टेस्टिस से जुड़ी बीमारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस दौरान डॉ. रमा वालिया ने कहा कि यदि आठ साल की उम्र से पहले किसी लड़की के पीरियड आ जाए या नौ साल के लड़के के दाढ़ी मूंछ आ जाए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। अनदेखी की तो हाइट छोटी रह जाएगी।
डॉ. रमा वालिया ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो आमतौर पर बच्चों को पेरेंट्स 14 साल की उम्र के बाद लाते हैं, इस उम्र में कुछ नहीं कर सकते। जबकि थोड़ी उम्र में ही दवाइयों की मदद से इसे ठीक किया जा सकता है। इसी तरह से किसी युवती में पीरियड देरी से आ रहे हैं या कुछ और समस्या जैसे कि चेहरे पर बाल का आना। इन्हें भी दवाओं की माध्यम से ठीक किया जा सकता है।
एंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. अनिल भंसाली ने कहा कि दस से 15 प्रतिशत बीमारियां इससे जुड़ी होती हैं। तीनों ही बीमारियों के बारे में लोगों को पता नहीं है। इससे बीमारी कम होने के बजाए बढ़ती हैं और आगे चलकर महिलाओं और पुरुषों दोनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ये बीमारी है तो इलाज भी है
पीसीओडी(पालीसिस्टिक ओवरी डिजीज), पीसीओडी बीमारी खासतौर पर यंग लड़कियों में आती है। इसमें पीरियड अनियंत्रित हो जाते हैं। चेहरे पर बाल आते हैं। ये बीमारी मोटापे से जुड़ी होती है। ओवेरी में फीमेल हार्मोन के बजाए मेल हार्मोन बनने लगते हैं।