घर में आकर मां-बेटी से मारपीट और गाली-गलौच करने वाले पुलिसवालों को अभी भी अपनी करतूत का अहसास नहीं है। उल्टा वे वीडियो पर ही चौंकाने वाली बातें बोल रहे हैं। रिटायर्ड पुलिस एसोसिएशन के सदस्य सस्पेंड हुए चार पुलिस कर्मियों के समर्थन में महिला आयोग की उपाध्यक्ष से मिले।
पुलिसवालों ने पहले मां-बेटी को पीटा, अब वायरल वीडियो पर ही उठाए ये सवाल
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इन सदस्यों ने वायरल हुई वीडियो पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब पुलिस वालों पर हमला हुआ था, वो इस वीडियो में उसे नहीं दिखाया गया। इस पर महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने पूछा क्या आपने वीडियो में जो देखा आप उससे संतुष्ट हैं? इस पर जवाब था-थोड़ी सी तो गलती हुई है, मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। बस आप देख लो आपसे बेकसूर लोगों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
रेनू के बयान के समय हुई वीडियोग्राफी
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने महिला थाना की एसएचओ रमनदीप कौर को तलब कर सतीश मित्तल की बेटी रेनू मित्तल के बयान दर्ज कराए। वहीं बयान लेते समय रेनू की वीडियोग्राफी भी की गई। बयान देते समय रेनू मित्तल की माता नीलम मित्तल और लोकस्वराज ट्रस्ट के प्रधान रघुबीर गर्ग भी मौजूद रहे। रेनू ने अपने बयान में चारों पुलिस कर्मियों के खिलाफ बयान देते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं महिला थाना की प्रभारी ने मित्तल परिवार को बताया कि एफआईआर की कॉपी बुधवार को सौंप दी जाएगी।
चारों पुलिस वालों की गिरफ्तारी की मांग
कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर स्थित अग्रवाल धर्मशाला में पीड़ित पक्ष के समर्थन और पुलिस वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए एक आपात बैठक शाम चार बजे बुलाई गई। इस बैठक में पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि पुलिस के इस रवैये से लोगों में भय का माहौल है। पुलिस की इस बर्बरता के खिलाफ सभी नागरिकों को लामबंद होने की आवश्यकता है, ताकि पुलिस के इस क्रूरतापूर्ण व्यवहार पर अंकुश लग सके।
रघुबीर गर्ग ने बताया कि यहां एकमत होकर यह मांग की गई कि सतीश मित्तल और उनके परिवार के सदस्यों पर दर्ज हुए केस को रद किया जाए और आरोपी चारों पुलिस कर्मियों रविवार से पहले गिरफ्तार करने के साथ इन्हें पुलिस सेवा से बाहर किया जाए, ताकि अन्य पुलिस वालों को भी सबक मिले। वहीं बैठक में फैसला लिया गया कि अगर रविवार से पहले चारों पुलिस वालों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।