पंजाब के कपूरथला के हरिके पत्तन में काली बेईं और ब्यास दरिया का संगम होता है। इनसे घिरे एक गांव फतेहवाल आजादी के बाद पहली बार जगमगाया है। दरअसल यह गांव आजादी के 68 साल बाद रोशनी'देखी है। पावरकॉम ने 4.83 लाख की लागत से 50 खंभे लगाकर सिंगल फेस में बिजली की यह सुविधा दी है। संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयास से गांव में स्थापित निर्मल कुटिया के साथ-साथ जमीनों की सिंचाई के लिए यह सुविधा नसीब हो पाई है।
एक गांव ऐसा, जो आजादी के बाद पहली बार हुआ 'रोशन'
महेश कुमार/अमर उजाला, कपूरथला(पंजाब)
Updated Mon, 04 May 2015 09:38 AM IST
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एक गांव ऐसा, जो आजादी के बाद पहली बार हुआ 'रोशन'
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