ई-वे बिल सिस्टम लागू हो गया है, जानिए इसके दो बड़े फायदे। यह प्रणाली जहां कारोबारियों के लिए तोहफा है, वहां अफसरों के लिए बड़ी टेंशन है।
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ई वे बिल
- फोटो : SOCIAL MEDIA
जीएसटी के तहत ई-वे बिल सिस्टम एक फरवरी 2018 से लागू हो गया। अब देश भर में सामान ले जाने वाले वाहन वैध होंगे। जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) की तरफ से जारी एक बयान में बताया गया कि हर राज्य में 10 किलोमीटर अंदर प्रवेश करने वाले वाहन जिसमें 50,000 रुपये या उससे अधिक के मूल्य के सामान हैं, उसके लिए अब ई-वे बिल अनिवार्य होगा।
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ई-वे बिल सिस्टम के तहत अब करदाताओं और ट्रांसपोर्टरों को किसी भी टैक्स कार्यालय या चेक पोस्ट पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि ई-वे बिल इलेक्ट्रॉनिक रूप से तैयार किया जा सकता है और इसमें खुद से पैसे कट जाएंगे। बड़े उपयोगकर्ता इस ई-वे बिल की नई प्रणाली को पोर्टल पर मोबाइल ऐप, एसएमएस और ऑफलाइन टूल के जरिए उपयोग कर सकते हैं।
ई-वे बिल के तहत अब माल सप्लाई के दौरान रास्ते में बिना वजह का शोषण खत्म हो जाएगा। क्योंकि अब कंसाइनमेंट को बिना वजह यदि किसी भी टैक्स आफिसर या इंस्पेक्टर ने रोका या किसी प्रकार की नाजायज मांग की तो उन्हें कंसाइनमेंट की यह ‘नजरबंदी’ महंगी पड़ जाएगी। केंद्रीय शुल्क (ऑडिट) आयुक्त के क्षेत्रीय कार्यालय ने इस सिस्टम से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ सरकारों को अवगत करवा दिया है।
विभाग के एक आला अफसर ने बताया कि इससे अभी स्थिति यह थी कि कारोबारी अपने माले की कंसाइनमेंट राज्य के भीतर या राज्य से बाहर भेजता है, तो कई बार केंद्रीय व राज्य सरकारों के अधीनस्थ सेल्स टेक्स, एक्साइज टैक्स इत्यादि विभाग के अफसर व निरीक्षक रोक लेते थे। कई-कई घंटों माल से लदे ये वाहन राज व राष्ट्रीय मार्गों के किनारे सड़कों पर बिना वजह अफसर व निरीक्षक की नजरबंदी में रहते थे।