दशहरा पर इस बार रामलीला कमेटियों ने रावण दहन का प्रतीकात्मक आयोजन किया। बड़े-बड़े आयोजन और रावण दहन नहीं किया गया। सेक्टर-43 के दशहरा ग्राउंड में रविवार को दशहरा पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाने की बजाय हवन यज्ञ किया गया। कोरोना के चलते दशहरा मेला नहीं हुआ। सेक्टर-17 के रामलीला ग्राउंड में रामलीला के मंच पर रावण वध का प्रतीकात्मक आयोजन किया गया।
वहीं, यूटी प्रशासन की ओर से शहर में दशहरा कमेटी व यूथ वेलफेयर क्लब मलोया को ही रावण दहन व दशहरा मेले के आयोजन की अनुमति मिली थी। यहां पर कोरोना नियमों का पालन करते हुए 11 फुट का रावण और 8 फुट का मेघनाद का पुतला जलाया गया। पंचकूला में दशहरा पर ज्यादातर जगहों पर रावण दहन नहीं किया गया। गली-मोहल्लों में ही बच्चे रावण जलाते नजर आए। सेक्टर-15 में श्री रामलीला कमेटी ने सामाजिक दूरी के साथ दशहरा पर शोभायात्रा निकाली।
राम-रावण युद्ध का लोगों ने आनंद लिया। इसके बाद देर शाम रावण का दहन किया गया। कमेटी के प्रतीकात्मक आयोजन का राह चलते लोगों ने आनंद लिया। मोहाली में दशहरा कमेटी की ओर से फेज-8 में दशहरा पर प्रतीकात्मक पुतलों का दहन किया गया। रावण के कुनबे के साथ कोरोना का पुतला भी जलाया गया।
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रावण वध का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
भगवान राम से प्रार्थना की गई पूरी दुनिया को कोरोना से मुक्त कर सभी के जीवन में खुशियां लाएं। जीरकपुर के पभात की दशहरा कमेटी को भी स्थानीय प्रशासन ने रावण दहन की मंजूरी दी थी। हालांकि, यहां पर रावण दहन के दौरान सामाजिक दूरी के नियम की जमकर धज्जियां उड़ीं। भारी भीड़ उमड़ने से आयोजकों के सारे इंतजाम धरे रह गए। उधर, मेले में लोगों के मनोरंजन के लिए पंजाबी गायक अमरजीत को बुलाया गया था।
डेराबस्सी के रामलीला मैदान में दशहरा मेले का आयोजन किया गया। कांग्रेस नेता दीपइंद्र सिंह ढिल्लों ने रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतलों को आग लगाई। यहां पंजाबी गायब हरजीत जौला ने लोगों का मनोरंजन किया। मेले में भारी भीड़ जुटी, कोरोना नियमों का उल्लंघन किया गया। वहीं, कुराली के दशहरा मैदान में डेरा बाबा गोसाई आणा के महंत धनराज गिरि जी महाराज ने रावण के पुतले को अग्नि भेंट की। इस बार किसी को मैदान में आने की अनुमति नहीं थी।