साध्वी रेप केस में रोहतक जेल में सजा काट रहा शख्स डेरा सच्चा सौदा प्रमुख
राम रहीम नहीं, बल्कि उनका डुप्लीकेट हैं। इसका एक बड़ा कारण ये भी हो सकता है, जानिए सच्चाई..
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Ram Rahim
- फोटो : File Photo
सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के अस्पताल में सर्च के दौरान मिला स्किन बैंक सवालों के घेरे में है। जो सुविधा रोहतक के पीजीआई जैसे संस्थान में नहीं है उसका एक डेरे के अस्पताल में होना चौंकाने वाला है। जानकार बताते हैं कि स्किन का प्रयोग कास्मेटिक रिपेयर के साथ ही प्लास्टिक सर्जरी में किया जाता है। हालांकि, इसके लिए एक्सपर्ट की जरूरत होती है। ऐसे में डेरे के अस्पताल में स्किन बैंक होना कई आशंकाओं को जन्म देता है।
यह भी हो सकता है कि डोनेटेड स्किन की तस्करी की जा रही हो। यह भी संभव है अस्पताल में ही कास्मेटिक सर्जरी का कारोबार किया जा रहा हो। एक आशंका यह भी है कि गुरमीत राम रहीम ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए खुद का डुप्लीकेट तैयार करने के लिए इसका इस्तेमाल किया हो। इससे गुरमीत के डुप्लीकेट होने की आशंकाओं को भी बल मिलता है।
स्किन स्पेशलिस्टों की मानें तो मुंबई में साल 2009 में एक स्किन बैंक स्थापित हुआ था। इस बैंक के पास 1000 से ज्यादा स्किन का स्टाक है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार बैंक के स्किन का प्रयोग कास्मेटिक रिपेयरिंग में किया जाता है, लेकिन प्लास्टिक सर्जरी जैसी चिकित्सा में प्रयोग के लिए कुछ डॉक्यूमेंटेड नहीं है। वहीं, कुछ प्लास्टिक सर्जन इस बात से भी इनकार नहीं करते कि डोनेट की गई स्किन से प्लास्टिक सर्जरी संभव नहीं है।
पीजीआईएमएस के पूर्व बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आरबी सिंह का कहना है कि एवरीथिंग इज पॉसिबिल इन मेडिकल साइंस। बस स्किन लेने वाले व्यक्ति की जांच जरूरी होती है कि वह किसी संक्रमित रोग से तो ग्रस्त नहीं है। एक्सपर्ट ही स्किन को बैंक में प्रिजर्व कर सकते हैं। इसे चार डिग्री तापमान पर तीन सप्ताह तक जीवित रखा जा सकता है। यदि लाइव फ्रिज करना है तो ड्राइ फ्रोजन सिस्टम में रखना होता है, इससे महीनों तक स्किन को जीवत रख सकते हैं।