आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर एक नई व्यवस्था की गई है। आप भी जान लीजिए बहुत जरूरी है, फिर कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। बदलाव बेहद अहम है और इसका फायदा कहीं भी उठा सकते हैं।
नई व्यवस्था के तहत अब ट्रेन में सफर करते समय आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस की हार्ड कॉपी साथ रखने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल दस्तावेज मान्य कर दिए गए हैं। ऐसे में लोग अब आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस की सॉफ्ट कॉपी टीसी को दिखा सकेंगे। वह पूरी तरह वैध होगी और कोई इसे मानने से इंकार नहीं कर सकता।
अभी ये दस्तावेज मान्य हैं
अभी फोटोयुक्त वोटर कार्ड, पासपोर्ट, पैनकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी फोटोयुक्त आईडी, मान्यता प्राप्त स्कूल-कॉलेज के पहचान पत्र, राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक, क्रेडिट कार्ड, आधार, एम आधार और ई-आधार कार्ड आदि फोटो पहचान प्रमाण माने जाते हैं।
ऐसे ले सकते हैं डिजिटल लॉकर
डिजिटल लॉकर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का अहम हिस्सा है। यह दस्तावेजों की फोटो कॉपी सुरक्षित रखने की इलेक्ट्रॉनिक तिजोरी की तरह काम आता है। इस सेवा के जरिये लोग जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे अहम दस्तावेजों को ऑनलाइन सुरक्षित रख सकते हैं। यह सुविधा पाने के लिए यूजर के पास आधार कार्ड होना चाहिए। अपना आधार अंक डाल कर यूजर अपना डिजिलॉकर खाता खोल सकते हैं।
डिजिटल लॉकर यानी डिजिलॉकर प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया का एक अहम हिस्सा है। डिजिटल लॉकर का उद्देश्य जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे अहम दस्तावेजों को ऑनलाइन स्टोर करके भौतिक दस्तावेजों के उपयोग को कम करना और एजेंसियों के बीच में ई-दस्तावेजों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। लॉकर में सेव सॉफ्ट कॉपी पूरी तरह मान्य होगी, कोई इसे मानने से इंकार नहीं कर सकता।