कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली शूटर के अपमान की खबर फैली तो मनु भाकर सामने आईं और उन्होंने बेहद जिंदादिल जवाब दिया।
मामला फौगाट खाप की ओर आयोजित सम्मान समारोह में फर्श पर नीचे बैठने का है, जिसे गोल्ड मेडलिस्ट मनु भाकर का अपमान बताया जा रहा है। लेकिन मनु भाकर का कहना है कि जगह कम पड़ने के कारण मंच पर ज्यादा कुर्सी रखने की जगह नहीं थी। किसी ने हमारा अपमान नहीं किया। न ही किसी ने कुर्सी छीनी थी। मैं अपनी मर्जी से मां के पास जमीन पर बैठी थी। आयोजकों ने हमारा सम्मान किया इसके लिए मैं उनकी आभारी हूं।
हुआ यूं कि फौगाट खाप की ओर मंगलवार को हरियाणा के पदक विजेता खिलाड़ियों के सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया। इसमें मनु भाकर अपनी मां सुमेधा और पिता रामकिशन के साथ पहुंची थीं। आयोजकों ने मनु और उनके माता-पिता का फूल-मालाओं से स्वागत कर कुर्सियों पर बैठाया। इसके बाद कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी आए तो लोग उनके सम्मान में खड़े हो गए।
जब सभी लोग कुर्सी पर बैठे तो मनु को तो कुर्सी मिल गई, लेकिन उनके माता-पिता की कुर्सी पर कोई और बैठ गया। मां तो नीचे फर्श पर बैठ गई, लेकिन पिता खड़े रहे। यह देखते हुए मनु ने पिता के लिए कुर्सी छोड़ दी और मां के पास फर्श पर आकर बैठ गई। इससे यह बात जाहिर होती है कि हरियाणा के खिलाड़ियों का अपनी मिट्टी से गहरा जुड़ाव है। सफलता उनके सिर चढ़कर नहीं बोलती बल्कि और विनम्र बनाती है।
हमने तो उनका सम्मान किया है। मंच पर बैठने के लिए मनु और उनके माता-पिता को कुर्सी दी गई थी। बाद में उनकी कुर्सी पर कोई और बैठ गया तो वह खुद ही जमीन पर बैठ गईं।
- रामदास, प्रधान, फौगाट खाप