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Chandigarh News: हर साल जुलाई में लेना होगा फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट

Thu, 17 Sep 2026 02:40 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 02:40 AM IST
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A fire safety certificate will have to be obtained every year in July.
ऑनलाइन होगी आवेदन प्रक्रिया, फायर फाइटिंग स्कीम पर 30 कार्यदिवस में फैसला; बड़े भवन नए नियमों के दायरे में
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माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। शहर के होटल, अस्पताल, स्कूल, कोचिंग सेंटर, मैरिज पैलेस और अन्य बड़े भवनों में फायर सेफ्टी व्यवस्था अब सालाना जांच के दायरे में होगी। प्रस्तावित चंडीगढ़ फायर एंड इमरजेंसी सर्विस रूल्स-2026 में भवन मालिक या कब्जाधारी के लिए हर साल जुलाई में लाइसेंस प्राप्त एजेंसी से फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य करने का प्रावधान किया गया है। सर्टिफिकेट में फायर प्रिवेंशन और लाइफ सेफ्टी सिस्टम के चालू हालत में होने तथा भवन में कोई अतिरिक्त निर्माण या बदलाव नहीं होने की पुष्टि करनी होगी। फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने और नवीनीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। निगम प्रशासन ने नियमों पर 30 सितंबर तक आपत्तियां मांगी हैं। नियम सरकारी गजट में अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से लागू होंगे।
नियमों के तहत धारा 18 के दायरे वाले भवनों के लिए फायर फाइटिंग स्कीम की मंजूरी भी तय समयसीमा में होगी। इसके लिए फॉर्म-डी में आवेदन करना होगा और अधिकृत फायर अधिकारी को आवेदन मिलने के 30 कार्यदिवस के भीतर स्कीम मंजूर करने या आपत्ति के साथ आवेदन खारिज करने का फैसला करना होगा।
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ये इंतजाम जरूरी होंगे
नियमों में ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन और अलार्म सिस्टम, मैनुअल इलेक्ट्रॉनिक फायर अलार्म, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्प्रिंकलर, इंटरनल और यार्ड हाइड्रेंट, फायर पंप, पानी का भंडारण, एग्जिट साइनेज, फायर लिफ्ट, फायर कंट्रोल रूम और इवैक्यूएशन प्लान जैसे सुरक्षा इंतजामों का प्रावधान है।
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इन भवनों पर लागू होंगे प्रावधान
30 मीटर या अधिक ऊंची आवासीय इमारतें, 15 मीटर या अधिक ऊंचाई वाले होटल और सभी पांच सितारा या उससे ऊपर के होटल दायरे में आएंगे। संस्थागत भवनों में 15 मीटर या अधिक ऊंचाई अथवा 100 से अधिक बेड होने पर नियम लागू होंगे। 24 मीटर या अधिक ऊंचे शैक्षणिक भवनों के साथ 3,000 से अधिक छात्रों वाले संस्थान भी दायरे में होंगे। 30 मीटर या अधिक ऊंचे व्यावसायिक भवन, 10 हजार वर्गमीटर या अधिक क्षेत्रफल वाले कम जोखिम को छोड़कर औद्योगिक भवन और 5,000 वर्गमीटर या अधिक क्षेत्रफल वाले स्टोरेज व खतरनाक भवनों पर भी प्रावधान लागू होंगे। 40 हजार या अधिक दर्शक क्षमता वाले खुले और 20 हजार या अधिक क्षमता वाले इनडोर स्टेडियम भी दायरे में होंगे।

पुराने भवनों को छूट का प्रावधान
पुराने या नियम लागू होने से पहले बने भवनों को विशेष परिस्थितियों में कुछ फायर सेफ्टी मानकों से छूट देने का अधिकार प्रशासक के पास होगा। इसके कारण लिखित रूप में दर्ज करने होंगे। बड़े भवनों में नियुक्त फायर सेफ्टी ऑफिसर को सिस्टम चालू रखने, ऑपरेशनल प्लान तैयार करने, कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने, इवैक्यूएशन प्लान की जानकारी देने और नजदीकी फायर स्टेशन से समन्वय की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
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