पाकिस्तान की जेलों में कैद भारतीय पागल हो चुके हैं। वहां पर उनके हालात इतने बदतर हैं, जानकर आपका खून खौल जाएगा। पढ़िए ये दर्दनाक रिपोर्ट...
पाकिस्तान भारतीय कैदियों के साथ क्रूरता में मानवाधिकार की सभी हदें पार कर रहा है। वहां की जेलों में 24 घंटे में सिर्फ तीन रोटी मिलती है, वह भी अल्लाह के नाम पर। किसी तरह जिंदा बचकर अपने वतन लौटे भारतीय कैदियों ने पाकिस्तान की क्रूरता की दर्द भरी दास्तां बयां की है। पाक की जेलों में भारतीय कैदियों को बंधुआ मजदूर बनाकर दिन में 18 घंटे काम कराया जाता है। बदले में मिलने वाली रकम जेलों के अधिकारी डकार जाते हैं।
कैदियों के साथ इतना बुरा बर्ताव होता है, जिसे लब्जों में बयां नहीं किया जा सकता। ऐसी यातनाओं से अधिकांश भारतीय कैदी पागल हो गए हैं। पाक के कराची स्थित लांडी जेल से रिहा होकर भारत पहुंचे मछुआरों ने वतन लौटने के बाद पाकिस्तान की जेल में दी प्रताड़ना की दिल दहला देने वाली बातें बताईं। अटारी के नायब तहसीलदार कर्णपाल सिंह रेडक्रास भवन पहुंचे।
उन्होंने बताया कि ये मछुआरे बार-बार आसमान की तरफ देखकर मुक्ति के लिए भगवान का शुक्रिया कर रहे थे। जब उन्हें पकड़ा गया था, उस समय वह भारतीय क्षेत्र में ही थे, लेकिन पाक नेवी उन्हें पकड़ कर पाकिस्तान ले गई। पाकिस्तान नेवी के जवानों ने उनके साथ समुद्र में ही मारपीट की और भारतीय नेवी ने संबंधित खुफिया जानकारियां हासिल करने की कोशिशें कीं।
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- फोटो : Amar Ujala
फायरिंग से सहमे और फिर रुक गए थे
गुजरात के गिर सोमनाथ जिला के प्रवीन राठौर ने बताया कि समुद्र में मछली पकड़ते समय पाकिस्तान की नेवी ने उनकी किश्तियों पर फायरिंग कर दी थी। मार्च 2017 में वह पांच साथियों के साथ किश्ती लेकर समुद्र में उतरा था। मछली पकड़ते-पकड़ते अचानक पाक नेवी ने उन पर हमला कर दिया। इस पर उन्होंने किश्ती को भगा लिया, लेकिन पाक नेवी ने फायरिंग तेज कर दी तो वे सहम कर रुक गए तभी पाक नेवी ने उन्हें पकड़ लिया।