जिसके कंधों पर देश की सेवा की जिम्मेदारी थी वही ज़िंदगी से हार गई। मां की मौत के बाद बड़ी मुश्किलों से 27 साल की युवती को पुलिस में नौकरी मिली, लेकिन एक पल ने सब कुछ उजाड़ कर रख दिया।
अपने ही थाने के मुख्य मुंशी निर्भय सिंह द्वारा मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से परेशान पंजाब पुलिस की 27 वर्षीय कांस्टेबल अमनप्रीत कौर ने शुक्रवार रात को लुधियाना के थाना जोधा की महिला बैरक में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से रोष में आए लोगों ने शनिवार पूरा दिन थाना जोधा का घेराव किया। पंजाब पुलिस और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर छह घंटे तक लुधियाना रायकोट रोड जाम किया गया।
सूचना मिलते ही एसएसपी सुरजीत सिंह ने घटनास्थल पर पहुंच कर थाना जोधा के प्रभारी मोहन दास को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया। थाना जोधा के मुख्य मुंशी निर्भय सिंह के खिलाफ धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं। मृतक कांस्टेबल अमनप्रीत कौर के भाई गुरिंदर सिंह गौरव के लिए पंजाब पुलिस में नौकरी की सिफारिश भी कर दी गई है। एसएसपी सुरजीत सिंह ने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। एसआईटी द्वारा की जाने वाली जांच की निगरानी खुद एसएसपी ही करेंगे।
इस मौके पर पहुंचे विधायक एचएस फूलका ने कहा कि अगर पुलिस अपने किसी भी वादे से मुकरी तो विधानसभा ठप कर दी जाएगी। एसएसपी सुरजीत सिंह ने कहा कि मृतक अमनप्रीत कौर के फोन रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। उसके एसएमएस, वाट्सऐप, फेसबुक के सभी रिकार्ड चेक किए जाएंगे। इसके अलावा तीन डॉक्टरों का बोर्ड बनाकर अमनप्रीत कौर के शव का रविवार को सुधार के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया जाएगा, जिसकी वीडियोग्राफी भी की जाएगी।
जानकारी के अनुसार अमनप्रीत कौर ने एक सप्ताह पहले डीएसपी दाखा जसमीत सिंह को मुख्य मुंशी निर्भय सिंह के खिलाफ लिखित शिकायत की थी। निर्भय सिंह पर कार्रवाई के बजाय अमनप्रीत कौर की ड्यूटी जोधा से बदल कर दाखा डीएसपी दफ्तर में लगा दी गई। शनिवार को थाना जोधा में तैनात अन्य महिला कांस्टेबल राजविंदर कौर की मां का आपरेशन होने के कारण अमनप्रीत को दोबारा जोधा थाने भेज दिया गया। पुुलिस के मुताबिक रात को अमनप्रीत कौर कुछ देर आराम करने की बात कह महिला बैरक में चली गई और वहां पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी।