मनरेगा के तहत एक खेत में काम कर रही महिलाओं के अचानक कुछ ऐसा हुआ कि दो की मौत हो गई, जबकि 8 अस्पताल में दाखिल हैं।
दोनों महिलाएं गांव गन्ना की हैं। कुछ दिन पहले वह सतलुज दरिया के किनारे घास काट रही थीं। दोनों को फिल्लौर के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। जांच में पता चला कि जहरीली बूटी के कारण दोनों महिलाओं के फेफड़े और लीवर खराब हो गए थे।
घटना की जानकारी मिलते ही सांसद चौधरी संतोख सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने फिल्लौर के सिविल अस्पताल में पहुंच कर महिलाओं के परिवार वालों से दुख साझा किया।
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ladies admitted to the hospital
साथ ही आठ महिलाएं अस्पताल में भर्ती हैं। दोनों की पहचान रेनू व प्रवीण बताई जा रही है। मरने वाली दोनों महिलाएं एक ही घर की हैं। एक का संस्कार कर दिया गया है। इस घटना के बाद से गन्ना पिंड में दहशत का माहौल है।
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चौधरी संतोख सिंह ने बाकी 8 महिलाओं का भी हाल जाना। सांसद ने कहा कि वह सिविल अस्पताल का हाल देखकर हैरान हैं। अस्पताल में मरीजों के लिए कोई सहूलियत नहीं है। अस्पताल में डॉक्टर नजर नहीं आते हैं। अस्पताल में मरीजों की हालत ठीक नही है।