चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छात्राओं के नहाते वक्त वीडियो बनाने और उसे वायरल करने का मामले सामने आने पर विद्यार्थियों ने शनिवार पूरी रात हंगामा किया। सोशल मीडिया से लेकर यूनिवर्सिटी कैंपस तक विद्यार्थी डटे रहे। आखिरकार उनकी आवाज जिला प्रशासन से लेकर सरकार तक पहुंची लेकिन सुबह होते-होते पूरी कहानी बदल गई। प्रशासन के अफसरों ने यूनिवर्सिटी और हॉस्टल का दौरा कर बिना जांच पूरी हुए स्पष्ट तौर पर कह दिया कि आरोपी छात्रा ने केवल अपने ही वीडियो आरोपी लड़के को भेजे हैं, किसी अन्य छात्रा के नहीं। आगे कहा कि छात्रा पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जा रही है। यह भी कहा कि हॉस्टल में किसी छात्रा ने आत्महत्या नहीं की है। सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ाई जा रही हैं।
Mohali Video Case: पूरी रात हुआ हंगामा, कई वीडियो वायरल, सुबह बदल गई कहानी तो उठे ये सवाल
बताया जा रहा है कि शनिवार दोपहर तीन बजे से ही गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं के वीडियो बनाकर वायरल करने का मामला उजागर हो गया था। कुछ छात्राओं ने संदेह जताया था कि एक छात्रा ने उनके नहाने के वीडियो बनाकर वायरल किए हैं। पहले उन्होंने अपने स्तर पर लड़की से बातचीत कर पता लगाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली तो वार्डन और डीएसडब्ल्यू तक मामला पहुंचा। इसमें कई चीजें साफ हो गई थीं लेकिन यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने छात्राओं की बात को गंभीरता से नहीं लिया। जब शाम सात बजे तक यूनिवर्सिटी ने कोई कार्रवाई नहीं की तो छात्राओं ने संघर्ष की रणनीति बना ली।
रात 10 बजे तक यूनिवर्सिटी के अंदर और बाहर पीजी में रहने वाली छात्राएं जुटनी शुरू हो गईं। यूनिवर्सिटी भी छात्राओं के इस रुख को भांप नहीं पाई। रात 11 बजे से विद्यार्थियों ने आंदोलन की राह पकड़ ली और मैनेजमेंट के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगने लगे। पुलिस तक मामला पहुंचा लेकिन विद्यार्थी पीछे नहीं हटे। घंड़ूआं पुलिस जब मामला नहीं निपटा पाई तो डीएसपी रूपिंदर कौर सोही और एसपी देहात नवरीत विर्क मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों का पक्ष सुना। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि संघर्ष को दबाने के लिए यूनिवर्सिटी प्रबंधकों ने छात्रावास के कमरों में ताले लगवा दिए और गेट तक बंद कर दिया ताकि विद्यार्थी संघर्ष में शामिल न हो पाएं।
वाई-फाई भी बंद कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने विद्यार्थियों से पूछा कि आप क्या चाहते हैं तो उनका कहना था कि आरोपी छात्रा पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए। साथ ही इस मामले में जो लोग जुड़े हैं, उन्हें भी पकड़ा जाए क्योंकि मामला उनके जीवन से जुड़ा है। हालांकि इस बीच कुछ छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई जिन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। फिर पुलिस ने सुबह चार बजे तक केस दर्ज कर लिया। इसके बाद छात्र वहां से निकले। इसके बाद एहतियात के तौर पर सुबह पांच बजे पुलिस ने यूनिवर्सिटी के कैंपस पर एआरपी व पुलिस टीमें तैनात कर दीं। जैसे ही मामला सोशल मीडिया ट्रेंड करने लगा तो सरकार भी हरकत में आ गई। करीब आठ बजे डीसी अमित तलवार, एसएसपी विवेकशील सोनी, महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी मौके पर पहुंचे और जायजा लिया।
देर रात तक छात्रावास में चलता था कंस्ट्रक्शन का काम
जिस छात्रावास में वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। पता चला है कि पहले वह लड़कों का छात्रावास था। कुछ समय पहले ही उसे छात्राओं के छात्रावास के रूप में बदला गया है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास में देर रात कंस्ट्रक्शन का काम चलता रहता है। ऐसे में रात में बाहरी लोग काम के लिए वहां आते हैं जबकि उनके परिजनों को भी रात में आने की अनुमति नहीं है। इतना ही नहीं, छात्रावास के अंदर छात्राओं के पहनावे को लेकर भी सवाल उठाए जाते हैं।