पढ़िए एक ऐसे इंस्पेक्टर के बारे में, जो पहले करोड़ों की तस्करी पकड़वाता था फिर तस्करों से दोस्ती कर उनकी प्रापर्टी भी हड़प लेता था।
करोड़ों रुपये की ड्रग के साथ गिरफ्तार इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह पहले तस्करों को गिरफ्तार करता था और फिर उनके साथ दोस्ती कायम कर लेता था। इसके बाद तस्करों की जमीन और प्रापर्टी डरा धमकाकर हड़प लेता था कि यह ड्रग मनी से तैयार की गई है। प्रापर्टीज को तस्करों के रिश्तेदारों के नाम पर ही ट्रांसफर करवाकर बाद में बेच देता था।
ऐसी कई प्रापर्टीज का खुलासा हो चुका है, जिसमें दो मुख्य रूप से सामने आ चुकी है। फगवाड़ा में एक कोठी को तस्कर कर्मा के नाम पर करवाकर बाद में बेचकर पैसा ले लिया था। इसी तरह से तरनतारन के मैक्स कालोनी में भी एक प्रापर्टी सामने आ गई है, जिसकी जांच एसटीएफ ने शुरू कर दी है।
इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह के संबंध नामी तस्करों के साथ निकलने शुरू हो गए हैं। एसटीएफ के आला अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इंदरजीत सिंह जब भी हेरोइन की खेप पकड़ता तो वह तस्कर को डराता था कि उसके पारिवारिक सदस्यों को केस में डाल देगा। इसके बाद उसकी तमाम प्रापर्टी और जमीन जायदाद को खंगालना शुरू कर देता था। फिर वह तस्करों के साथ सेटलमेंट पर आता था। बीच में कोई बिचौलिया डालकर प्रापर्टी का घालमेल कर लेता था। उक्त प्रापर्टी को वह केस प्रापर्टी नहीं बनाता था और तस्कर को डराकर प्रापर्टी उसके साथियों के नाम करवा लेता था।
फगवाड़ा में एक कोठी के बारे में एसटीएफ को पता चला है। उक्त कोठी को तस्कर कर्मा के नाम पर करवाकर इंदरजीत सिंह ने बाद में बेच दिया और सारा पैसा ले लिया। पता चला है कि यह कोठी उस समय ली गई, जब इंदरजीत सिंह फगवाड़ा में तैनात था। इसके बाद इंदरजीत सिंह काफी समय तक तरनतारन में तैनात रहा, जहां पर मैक्स कालोनी में एक प्रापर्टी सामने आई है, जिसको इंदरजीत सिंह ने एक तस्कर से ले लिया था। वह भी किसी अन्य तस्कर के नाम पर करवाकर रखी गई है।