लुधियाना में कबाड़ के खाली गोदाम में ब्लास्ट हो गया। हादसे में वहां खेल रहे 2 भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। हादसा ग्यासपुरा इलाके में मंगलवार को कबाड़ के खाली गोदाम में हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ब्लास्ट तब हुआ जब गोदाम के सामने रहने वाले दो बच्चे हथौड़े के साथ पिलर में से सरिया निकाल रहे थे। धमाके की आवाज इतनी ज्यादा थी कि काफी दूर तक फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूर बाहर निकल आए। धमाके की वजह से गोदाम की दीवारों पर भी पत्थर उड़ कर जा लगे। जब लोगों ने घायल बच्चों को देखा तो उन्होंने पुलिस को सूचना देकर दोनों को सिविल अस्पताल पहुंचाया। जहां से डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख, डीसीपी ध्रुमन निंबले, एडीसीपी टू डॉ. संदीप गर्ग, डॉग स्कवायड की टीम और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ब्लास्ट किस चीज की वजह से हुआ है।
आशंका जताई जा रही है कि हथौड़े की चोट का दबाव किसी बमनुमा चीज पर पड़ा और ब्लास्ट हो गया। दोनों घायल बच्चों की पहचान ग्यासपुरा गली नंबर तीन के रहने वाले शिव कुमार (11) और विपिन कुमार (9) के रुप में हुई है। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
पड़ोसियों ने कहा कि बच्चे मूल रुप से उत्तरप्रदेश के जिला फतेहगढ़ स्थित गांव बेरपत्ती के रहने वाले हैं। शिव और विपिन के पिता राज बहादुर साथ वाली फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे दोनों खेलते हुए कबाड़ के खाली पड़े गोदाम में चले गए। दोनों गोदाम के अंदर पड़े छोटे पिलर को तोड़ कर उसमें से सरिया निकालने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान अचानक धमाका हो गया और दोनों बच्चे कुछ दूरी पर जा गिरे। इससे वह बुरी तरह से घायल हो गए।
पिलर के पत्थर भी साथ वाली दीवार पर जाकर लगे और वहां पर छोटे छोटे गड्डे पड़ गए। जब धमाका हुआ तो गोदाम के बाहर से जसबीर सिंह गुजर रहा था। वही सबसे पहले गोदाम के अंदर घुसा। उसने आस-पास के लोगों को बुलाया और घायल बच्चों को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचवाया।